सीमा चिश्ती व सीताराम येचुरी (डिजाइन फोटो)
नवभारत डेस्क : सीताराम येचुरी भारतीय राजनीति और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के एक बड़े कद्दावर नेताओं में गिने जाते थे। वह भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के पांचवें महासचिव के रूप में नियुक्त हुए थे। वर्तमान समय में वह सीपीएम के संसदीय समूह के नेता और पार्टी के पुलिस ब्यूरो के सदस्य के रूप में काम कर रहे थे। सीताराम येचुरी को एक चर्चित स्तंभकार, लेखक अर्थशास्त्री और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी जाना जाता है।
सीताराम येचुरी तीन बार भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव बनाए गए। 1992 से सीपीआई (एम) के पोलित ब्यूरो के सदस्य थे। 2005 से 2017 तक पश्चिम बंगाल से राज्यसभा के सांसद चुने गए थे।
पार्टी के वफादार नेता
सीताराम येचुरी बेहद प्रबुद्ध नेताओं में गिने जाते थे। उनको राजनीतिक और सामाजिक विषयों की अच्छी समझ रखते थे और हिंदी, अंग्रेजी, बांग्ला, तेलुगु जैसी कई भाषाओं में बात करने की क्षमता थी। हालांकि वामपंथी उन्हें मध्यमार्गी कहा करते थे, लेकिन वह खुद को वामपंथ का मजबूत सिपाही बताते थे। उसी के चलते कई बार वामपंथी नेताओं से उनकी कुछ विचारों की टकराहट होती रहती थी, लेकिन उनके कामकाज और पार्टी के प्रति वफादारी पर कोई कभी अंगुली नहीं उठा सका।
सीताराम येचुरी पार्टी के पूर्व महासचिव हरकिशन सिंह सुरजीत की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा याद किया जाएगा, क्योंकि उन्होंने ही 1996 में संयुक्त मोर्चा सरकार के लिए न्यूनतम साझा कार्यक्रम का मसौदा तैयार करने के लिए पी चिदंबरम का सहयोग किया था, जिसके बाद 2004 में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार बनने का रास्ता साफ हुआ था। उसमें भी सीताराम येचुरी की महत्वपूर्ण भूमिका थी।
सीताराम येचुरी की चर्चित शादी
सीताराम येचुरी को उनकी चर्चित शादी के लिए भी जाना जाता है। पश्चिम बंगाल से सीपीएम के राज्यसभा सांसद सीताराम येचुरी की पहली शादी वामपंथी कार्यकर्ता बीना मजूमदार की बेटी इंद्राणी मजूमदार से हुई थी। उनके दो बच्चे हुए, जिसमें एक बेटा और एक बेटी थी। उनके बेटे आशीष येचुरी की 35 साल की उम्र में कोरोना के चलते 2021 में निधन हो गया था, जिसके बाद से वह काफी टूट गए थे। वहीं उनकी बेटी अकिला येचुरी एक प्रोफेसर के रूप में काम कर रही हैं।
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इसी दौरान उन्होंने अपनी दूसरी शादी चर्चित बीबीसी की पत्रकार सीमा चिश्ती से की। सीमा चिश्ती फिलहाल ‘द वायर’ की संपादक हैं और उनका एक बेटा दानिश भी है।