बिहार के नीतीश नहीं बनेंगे सिद्धारमैया, राज्यसभा जाने से किया इनकार; बोले- इत्तेफाक से मैं राजनीति में आया
Siddaramaiah Resignation: सिद्धारमैया ने कहा कि मैंने हमेशा कहा है और इस बात पर कायम रहा हूं कि अगर हाई कमान मुझसे इस्तीफा देने को कहेगा तो मैं इस्तीफा दे दूंगा।
- Written By: मनोज आर्या
सिद्धारमैया, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Siddaramaiah resign as Karnataka CM: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को लोक भवन में राज्यपाल के विशेष सचिव को अपना इस्तीफा सौंप दिया। राज्यपाल थावरचंद गहलोत की अनुपस्थिति में विशेष सचिव प्रभु शंकर ने इस्तीफा ग्रहण किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीति में आना उनके लिए एक अचानक लिया गया फैसला था।
सिद्धारमैया ने कहा कि मैंने हमेशा कहा है और इस बात पर कायम रहा हूं कि अगर हाई कमान मुझसे इस्तीफा देने को कहेगा तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। परसों हाई कमान ने मुझसे इस्तीफा देने को कहा, तो मैंने कहा कि मैं 48 घंटे के भीतर इस्तीफा दे दूंगा। इसके बाद मैंने इस्तीफा दे दिया है।
‘मेरे इस्तीफे पर विचार करेंगे राज्यपाल’
कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से अपने इस्तीफे की घोषणा के दौरान सिद्धारमैया ने कहा कि राज्यपाल अपने दौरे से लौटने के बाद मेरे इस्तीफे पत्र पर विचार करेंगे और मुझे विश्वास है कि वे इसे स्वीकार कर लेंगे क्योंकि यह संवैधानिक प्रक्रिया है। प्रक्रिया उन्हीं पर निर्भर है, लेकिन एक बार मुख्यमंत्री इस्तीफा दे देते हैं तो नए मुख्यमंत्री के लिए रास्ता बनाने के लिए इसे मंजूरी देना अनिवार्य है।
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मौके देने के लिए कांग्रेस नेतृत्व को धन्यवाद
सिद्धारमैया ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी को कर्नाटक के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का अवसर देने के लिए धन्यवाद भी दिया। सिद्धारमैया ने कहा कि मैं दो बार मुख्यमंत्री और दो बार विपक्ष का नेता बना। मुझे यह अवसर देने के लिए मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को धन्यवाद देना चाहता हूं।
राज्यसभा जाने से सिद्धारमैया का इनकार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद, सिद्धारमैया ने गुरुवार को कांग्रेस हाई कमांड द्वारा राज्यसभा सीट के प्रस्ताव को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है। बताया जा रहा है कि सिद्धारमैया ने पार्टी की बैठक में कहा कि वे वरुणा विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में सक्रिय रहेंगे, जो 2008 से उनके परिवार का गढ़ रहा है, और अपना शेष दो वर्ष का कार्यकाल पूरा करेंगे।
‘मैं संयोग से कर्नाटक का मुख्यमंत्री बना’
सिद्धारमैया ने कहा कि 2006 से ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं, नेताओं, विधायकों और सांसदों ने मुझ प्रेम और अवसर दिया। मैं उन सभी का धन्यवाद करना चाहता हूं। जब मैं 2013-2018 और 2023 से अब तक दो बार मुख्यमंत्री रहा, तो मैं हमेशा यह कहना चाहूंगा कि मेरे मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने मुझे हर संभव सहयोग और प्रेम दिया। मैं उनका सदा ऋणी रहूंगा। मैं एक ग्रामीण था और मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं विधायक, नेता, विपक्ष का नेता और मुख्यमंत्री बनूंगा। मैं संयोग से मुख्यमंत्री बना और मेरे परिवार का कोई भी सदस्य राजनीति में नहीं था।
सिद्धारमैया ने कहा कि शुरुआत से ही, जब मैंने राजनीति में कदम रखा, तो मैं बुद्ध, बसवन्ना, बाबासाहेब अंबेडकर और गांधीजी की शिक्षाओं में विश्वास रखता था। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि पूरे समाज को एक परिवार की तरह रहना चाहिए, जिसमें सामाजिक और आर्थिक समानता हो।
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‘जनता से किए हर वादे को हमने पूरा किया’
कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि हमने घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करने के लिए काम किया है। 2013 में हमने 163 वादे किए थे, जिनमें से 158 पूरे किए हैं। 2023 में हमने 550 से अधिक वादे किए थे, जिनमें से 300 पूरे किए हैं। इसके अलावा, हमने 5 गारंटी योजनाओं की घोषणा की थी, जिन्हें हमने पहले वर्ष में ही पूरा कर लिया है।
