मुस्लिम होगा अगला उपराष्ट्रपति? सामने आया चौंकाने वाला नाम, बैठक में लगेगी फाइनल मुहर!

NDA Vice President Candidate: उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम को अंतिम रूप देने के लिए 17 अगस्त को BJP संसदीय बोर्ड की बैठक होगी। इस दौड़ में एक मुस्लिम दिग्गज का नाम आगे बताया जा रहा है।
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पीएम मोदी व अमित शाह (डिजाइन फोटो)
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New Vice President: जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव की तैयारियां जोरों पर शुरू हो गई हैं। भाजपा और एनडीए ने अपने उम्मीदवार को अंतिम रूप देने के लिए विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। उम्मीदवार के नाम को अंतिम रूप देने के लिए कल यानी 17 अगस्त को भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक होगी। इस दौड़ में कई प्रमुख नाम सामने आए हैं, जिनमें एक मुस्लिम दिग्गज का नाम आगे चल रहा है।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का नाम भी भाजपा गठबंधन के संभावित उम्मीदवारों में शामिल है। उनके अलावा जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत शामिल हैं। आरएसएस के विचारक शेषाद्रि चारी का नाम भी संभावित उम्मीदवारों की सूची में है। लेकिन आरिफ मोहम्मद खान एक प्रमुख दावेदार के तौर पर माना जा रहा है।

हरिवंश सिंह की दावेदारी कमजोर क्यों?

बिहार विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए राज्यसभा के मौजूदा उपसभापति हरिवंश के नाम पर भी विचार किया जा रहा है, हालांकि भाजपा पहले ही संकेत दे चुकी है कि अगला उपराष्ट्रपति पार्टी से ही होगा और ऐसा व्यक्ति होगा जो पार्टी और आरएसएस की विचारधारा से गहराई से जुड़ा हो। हरिवंश नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के राज्यसभा सांसद हैं।

जगदीप धनखड़ ने क्यों दिया इस्तीफा?

जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद यह पद रिक्त हो गया था। उनका कार्यकाल अगस्त 2027 तक था। केंद्र सरकार और उनके बीच विश्वास की कमी और मतभेद भी इस्तीफे के पीछे अहम कारण थे। बताया जा रहा है कि पिछले एक साल में धनखड़ ने सरकार से सलाह-मशविरा किए बिना कई फैसले लिए।

फूंक-फूंक कर क्यों कदम रख रही BJP?

तब हद तो तब हो गई जब न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के महाभियोग पर सरकार के रुख से उनकी असहमति सामने आई। भाजपा इस बार बेहद सतर्क है और ऐसा उम्मीदवार चाहती है जिसके साथ पार्टी का तालमेल और विश्वास बरकरार रहे। उपराष्ट्रपति के पास सीमित संवैधानिक शक्तियां होने के बावजूद, वह राज्यसभा की कार्यवाही और उससे संबंधित निर्णयों के लिए ज़िम्मेदार होते हैं, जो राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

क्यों रेस में आगे हैं आरिफ मोहम्मद खान?

एनडीए ने उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार चुनने का अधिकार पीएम नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपा है। इस दौड़ में प्रमुख नामों में आरिफ मोहम्मद खान का नाम ख़ास तौर पर चर्चा में है। खान वर्तमान में बिहार के राज्यपाल हैं और इससे पहले केरल के राज्यपाल रह चुके हैं। वे अपनी बौद्धिक क्षमता और भाजपा के प्रति निष्ठा के लिए जाने जाते हैं।

संसदीय दल की बैठक में लगेगी अंतिम मुहर!

उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के उम्मीदवार के नाम पर आखिरी मुहर लगाने के लिए 17 अगस्त को संसदीय बोर्ड की बैठक होने वाली है। इस पद के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है। प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों के अलावा, भाजपा शासित गठबंधन द्वारा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी एनडीए उम्मीदवार के नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकते हैं।

सूत्रों ने बताया कि संसद का मानसून सत्र एक छोटे अवकाश के बाद 18 अगस्त को फिर से शुरू हो रहा है और एनडीए उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल करने से पहले भाजपा और उसके सहयोगी दलों के नेताओं की बैठक में शामिल हो सकते हैं। एक नेता ने बताया कि एनडीए उम्मीदवार के समर्थन में सांसदों द्वारा कई नामांकन दाखिल किए जाएंगे।

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