मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नौकरी देने के दावे को सिरे से किया खारिज, कह डाला तेजस्वी का नकलची

Bihar Political News: राजद सांसद संजय यादव ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को तेजस्वी यादव का नकलची बताया है। उनके रोजगार देने के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है।
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राजद नेता संजय यादव (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Sanjay Yadav On Nitish Kumar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सांसद संजय यादव ने पलटवार करते हुए तंज कसा है। उन्होंने मुख्यमंत्री के नौकरी देने के दावे को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें एक नकल करने वाला व्यक्तित्व बताया है। संजय ने कहा कि वह वक्त-बेवक्त बिहार की राजनीति में भविष्य के नेता तेजस्वी की नकल करते रहते हैं। उनकी अपनी न कोई रणनीति है और न कोई असल कार्य। काम की जमीनी हकीकत कुछ और होती है और उनके दिखावे के आंकड़े कुछ और।

बता दें कि, बीते 15 अगस्त को सीएम ने कहा था कि 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। यादव ने नीतीश कुमार से जिला स्तर पर नौकरी पाने वालों की सूची जारी करने की मांग की है, ताकि दावे की पारदर्शिता साबित हो सके।

अगर दावा सही तो जारी करें रोजगार की सूचि

राजद सांसद ने तंज कसा कि अगर नीतीश सरकार का दावा सही है, तो रोजगार की सूची जारी करें। ऐसा करने से ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ हो जाएगा। आईएएनएस से बातचीत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 50 लाख नौकरियां देने के दावे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि नीतीश कुमार को जिलावार नौकरी का आंकड़ा पेश करना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ जाए।

नीतीश कुमार को नकलची करार देते हुए आरोप लगाया कि वह तेजस्वी यादव की योजनाओं और बातों की नकल करते हैं। संजय यादव ने यह भी कहा कि तेजस्वी यादव ने नौकरी का मुद्दा उठाकर नीतीश सरकार को इस पर बोलने के लिए मजबूर किया, जबकि पहले उनकी सरकार इस मुद्दे पर चुप रहती थी।

वोटर अधिकार यात्रा के बारे में विस्तार से बातचीत की

'वोटर अधिकार यात्रा' पर सांसद ने कहा कि सासाराम से यात्रा होगी, जिसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के साथ महागठबंधन के नेता शामिल होंगे।

उन्होंने पीएम मोदी और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि नोटबंदी, फिर कोविड-19 के दौरान देशबंदी, और अब 'वोटबंदी' के जरिए उन लोगों के वोट काटे जा रहे हैं, जो भाजपा को वोट नहीं देते।

उन्होंने इसे लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने की साजिश करार दिया। आरोप लगाया कि बिहार में दलित, पिछड़े, अति पिछड़े, और मुस्लिम समुदायों के मतदाताओं के नाम विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं।

(एजेंसी इनपुट)

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