शिंदे कैबिनेट का फैसला, महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय का नाम अब 'Ratan Tata' के नाम पर होगा

सोमवार को महाराष्ट्र सरकार की कैबिनेट बैठक हुई, इस बैठक में राज्य से जुड़े जरुरी फैसलों के प्रस्ताव रखे गए। कैबिनेट बैठक में महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय का नाम बदलकर दिवंगत रतन टाटा के नाम पर रखे जाने के प्रस्ताव को भी पास कर दिया गया है।
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फाइल फोटो [सोर्स: सोशल मीडिया]
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मुंबई: महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार ने सोमवार को अपनी कैबिनेट बैठक आयोजित की जिसमें मंत्रिमंडल की सहमति से कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई है। आगमी विधानसभा चुनाव के उद्देश्य से यह कैबिनेट बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही थी और कैबिनेट के फैसलों से यह साबित भी होता नज़र आ रहा है।

इस कैबिनेट बैठक में सबसे बड़ा फैसला महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय का नाम बदलने को लेकर लिया गया है। बताया जा रहा है, कि विश्वविद्यालय का नाम बदलकर अब दिवंगत उद्योगपति पद्म विभूषण रतन टाटा के नाम पर रखा जाएगा। कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को पास कर दिया गया है।

बता दें, कि 9 अक्टूबर को 86 साल के नामचीन उद्योगपति रतन टाटा का मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया था। रतन टाटा के निधन से पूरे देश में शोक की लहर छा गई थी और देश की नामी हस्तियों सहित हर नागरिक ने रतन टाटा को श्रद्धांजलि दी थी।

गौरतलब है, कि मुंबई में बने महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय की नींव 2022 में पड़ी थी। जिसमें स्नातक और स्नातकोत्तर के कई डिग्री तथा डिप्लोमा कोर्स की पढ़ाई करवाई जाती है। अब इस यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर दिवंगत रतन टाटा के नाम पर रखा जायेगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां उन्हें याद रखे और उनके अच्छे कामो का अनुसरण करने के लिए प्रेरित हो।

इसके साथ ही कैबिनेट बैठक में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या पर भी दुख व्यक्त कर शोक प्रस्ताव पारित किया गया है। इतना ही नहीं, शिंदे सरकार ने अब वाहनों को लगने वाले टोल टैक्स से भी मुक्ति प्रदान कर दी है। यानी अब मुंबई में दाखिल होने के पहले लगने वाले टोल टैक्स को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। जिसका फायदा मुंबई के सभी पांच टोल बूथ पर हल्के मोटर वाहनों को मिलेगा।

विधानसभा चुनाव के ठीक पहले हुई इस कैबिनेट बैठक में चुनावी चौसर की बिसात भी दिखाई देने लगी है। अब इन फैसलों का शिंदे सरकार को किस हद तक फायदा होगा, यह देखने लायक होगा। महाराष्ट्र की राजनीती में चुनावी सरगर्मियां भी अब तेज़ हो गई है और सभी सियासी दल अपनी तैयारियों में जुट गए है।

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