'भारत का जो अपमान किया उसे कभी नहीं भूल पायेंगे', थरूर ने ट्रंप को बताया धैर्यहीन

Congress सांसद शशि थरूर ने ट्रंप के टैरिफ पर बयान देते हुए कहा है कि राष्ट्रपति और उनके स्टाफ ने जो अपमान किया है उसे भारत कभी भूल नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि ट्रंप का स्वभाव काफी चंचल है।
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर (फोटो- सोशल मीडिया)
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Shashi Tharoor on Trump Tariff: अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ को लेकर छिड़ी जंग पर अब कांग्रेस नेता शशि थरूर की तरफ से अब एक नई टिप्पणी आई है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कभी नरम तो कभी गरम बयानों की राह अपनाते है शशि थरूर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि साफ कहा है कि भारत अमेरिकी राष्ट्रपति और उनके स्टाफ द्वारा किए गए भारत के अपमान और हम पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ को हम लोग आसानी से नहीं भूल सकता। यह बयान उस वक्त आया है जब हाल ही में अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने भारत को माफी मांगने और बातचीत की मेज पर लौटने की नसीहत दी थी।

दरअसल, यह पूरा विवाद भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने को लेकर शुरू हुआ। अमेरिका इस बात से नाराज है और भारत पर पहले ही अतिरिक्त 25 फीसदी का टैरिफ लगा चुका है। अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने धमकी भरे लहजे में कहा था कि भारत को 50 फीसदी टैरिफ से बचने के लिए रूसी तेल खरीदना बंद करना होगा, ब्रिक्स से दूरी बनानी होगी और अमेरिका से गठबंधन करना होगा। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि भारत को दो महीने में माफी मांगनी होगी। इस बयानबाजी के बाद दोनों देशों के रिश्तों में खटास और बढ़ गई थी।

भारत को माफी मांगने की जरूरत नहीं

अमेरिकी वाणिज्य मंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए शशि थरूर ने कहा कि भारत ने बहुत परिपक्वता से काम लिया है और हमें माफी मांगने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने अमेरिका को याद दिलाया कि पिछली अमेरिकी सरकारों ने ही वैश्विक तेल कीमतों को स्थिर करने के लिए भारत से रूसी तेल खरीदने का आग्रह किया था। थरूर ने यह भी बताया कि चीन, भारत से कहीं ज्यादा रूसी तेल खरीदता है, फिर भी सिर्फ भारत को ही निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रंप का स्वभाव चंचल है और उनके शब्दों से देश को चोट पहुंची है, जिसके घाव भरने में समय लगेगा।

बदलते बयान और भारत का सधा हुआ जवाब

इस विवाद के बीच डोनाल्ड ट्रंप के बयानों में भी विरोधाभास दिखा। 5 सितंबर को उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक महान प्रधानमंत्री और अपना दोस्त बता दिया। ट्रंप के बदले सुर पर प्रधानमंत्री मोदी ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह ट्रंप की भावनाओं की सराहना करते हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी दोनों देशों के बीच बुनियादी संबंधों के महत्व पर जोर दिया। हालांकि, थरूर का मानना है कि इस स्वागत के बावजूद, दोनों देशों के राजनयिकों को रिश्तों को सुधारने के लिए गंभीरता से काम करने की जरूरत है।

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