अमिताभ बच्चन की राह पर शशि थरूर, फोटो-वीडियो यूज करने पर लगा बैन! Deepfake और AI के खिलाफ पहुंचे थे कोर्ट
Shashi Tharoor Fake AI Video: शशि थरूर को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली; अदालत ने उनके व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा करते हुए विवादित डीपफेक वीडियो हटाने का आदेश दिया।
- Written By: अक्षय साहू
शशि थरूर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Shashi Tharoor Deepfake Case: कांग्रेस नेता और तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सांसद शशि थरूर को दिल्ली हाई कोर्ट में बड़ी जीत मिली है। दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को थरूर के ‘पर्सनैलिटी’ (व्यक्तित्व) और ‘पब्लिसिटी’ अधिकारों की रक्षा के लिए अंतरिम आदेश पारित करने की बात कही है। यह मामला उन कथित डीपफेक वीडियो और AI-जनरेटेड सामग्री को हटाने से संबंधित है, जिनमें थरूर को भ्रामक रूप से पाकिस्तान की प्रशंसा करते हुए दिखाया गया है।
जस्टिस मिनी पुष्करणा की एकल-न्यायाधीश पीठ ने थरूर की याचिका पर समन जारी किया और प्रतिवादियों को, जिनमें केंद्र सरकार, मेटा और एक्स जैसे सोशल मीडिया मध्यस्थ शामिल हैं, चार हफ्तों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। आदेश जारी करते हुए न्यायमूर्ति पुष्करणा ने टिप्पणी की कि निषेधाज्ञा के लिए दायर आवेदन में की गई ‘प्रार्थनाओं ‘ए’, ‘बी’, ‘सी’ और ‘डी’ के अनुरूप’ अंतरिम निर्देश जारी किए जाएंगे।
शशि थरूर के नाम से फैलाया जा रहा भ्रम
शशि थरूर की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के बेटे अमित सिब्बल ने दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष दलील दी कि कई डीपफेक वीडियो में कांग्रेस नेता के नाम से झूठे तौर पर राजनीतिक रूप से संवेदनशील बयान जोड़ दिए गए हैं, जिससे उनकी प्रतिष्ठा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की साख को भी गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
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सिब्बल ने दलील दी कि सूचना प्रौद्योगिकी (IT) नियमों के तहत अधिकारियों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद कथित रूप से उल्लंघन करने वाला कंटेंट अलग-अलग यूआरएल के जरिए फिर से सामने आता रहा।
सिब्बल ने अदालत में पेश किए डीपफेक वीडियो
सिब्बल ने कहा, “ये अलग-अलग लिंक्स में मौजूद तीन डीपफेक वीडियो हैं। ये बिल्कुल एक जैसे हैं, वही वीडियो, लेकिन अलग-अलग यूआरएल पर दिखाई दे रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि भले ही फैक्ट-चेकिंग संस्थाओं ने यह साबित कर दिया था कि ये वीडियो नकली हैं, फिर भी जनता का एक तबका इन्हें असली मानता रहा।
वरिष्ठ वकील ने दलील दी कि थरूर की छवि और व्यक्तित्व के कथित दुरुपयोग के व्यापक कूटनीतिक परिणाम हो सकते हैं, खासकर एक सार्वजनिक हस्ती और पूर्व केंद्रीय मंत्री के तौर पर उनके कद को देखते हुए।
थरूर की छवि खराब करने की कोशिश
उन्होंने आगे कहा कि डीपफेक वीडियो का गलत इस्तेमाल विदेशी सरकारें कर सकती हैं और ये एक सोची-समझी गलत सूचना फैलाने की मुहिम का हिस्सा हो सकते हैं। इस मुहिम का मकसद थरूर की देशभक्त छवि को खराब करना और लोगों की सोच को प्रभावित करना है।
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थरूर ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उनके नाम, रूप, छवि और पहचान के कथित तौर पर बिना इजाजत इस्तेमाल के खिलाफ उनके ‘व्यक्तित्व और प्रचार अधिकारों’ की रक्षा हो सके। इसमें एआई-जनरेटेड और मॉर्फ्ड सामग्री के जरिए होने वाला इस्तेमाल भी शामिल है। शशि थरूर से पहले अमिताभ बच्चन, गौतम गंभीर, सुनील गावस्कर, अल्लू अर्जुन, काजोल और करण जौहर जैसी बड़ी हस्तियां पर्सनैलिटी’ और ‘पब्लिसिटी’ अधिकारों की रक्षा के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं।
