RJD सांसद ने केंद्र से की ये अपील, जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर क्या बोले मनोज झा?
मनोज झा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जम्मू-कश्मीर की समस्याओं पर खुलकर संवाद होना चाहिए। यह केंद्र बनाम राज्य की बहस नहीं होनी चाहिए, बल्कि सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोपरि रहे।
- Written By: विकास कुमार उपाध्याय
मनोज कुमार झा, फोटो - सोशल मीडिया
नई दिल्ली : राजद सांसद प्रो. मनोज झा ने गुरुवार को केंद्र सरकार से अपील की है कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में स्थायी शांति और भरोसे का माहौल बनाने के लिए केंद्र, राज्य सरकार और उपराज्यपाल के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
मनोज झा का यह बयान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की उस टिप्पणी के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्य में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर तीन शक्तिकेंद्रों, केंद्र सरकार, निर्वाचित राज्य सरकार और उपराज्यपाल कार्यालय के बीच ठोस समन्वय की जरूरत है।
राज्य नहीं, केंद्रशासित प्रदेश है जम्मू-कश्मीर
मनोज झा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जम्मू-कश्मीर की समस्याओं पर खुलकर संवाद होना चाहिए। यह केंद्र बनाम राज्य की बहस नहीं होनी चाहिए, बल्कि सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोपरि रहे। उन्होंने कहा कि पवित्र अमरनाथ यात्रा और कश्मीर पर्यटन को लेकर देशवासियों में उत्साह है, लेकिन पिछले दिनों पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने चिंता बढ़ा दी है।
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तीन शक्तिकेंद्रों का तालमेल जरूरी, बोले उमर अब्दुल्ला
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की जिम्मेदारी चुनी हुई सरकार की नहीं है। यह उपराज्यपाल के अधीन है। ऐसे में यह जरूरी है कि केंद्र सरकार, राज्य सरकार और राजभवन मिलकर काम करें। हम पर्यटन को बढ़ावा दे सकते हैं, लेकिन सुरक्षा का जिम्मा हमें नहीं सौंपा गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि पहलगाम हमले के बाद राज्य सरकार ने हालात सामान्य करने के लिए कई कदम उठाए हैं। 22 अप्रैल को हुए हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था। यह हमला 2019 के पुलवामा हमले के बाद घाटी में सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है।
पर्यटन को पुनर्जीवित करने की कोशिशें
सीएम अब्दुल्ला ने आगे बताया कि स्कूल और कॉलेजों में पिकनिक और शैक्षणिक भ्रमण दोबारा शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्री को निर्देश दिया है कि छात्रों को गुलमर्ग और पहलगाम जैसे पर्यटन स्थलों पर ले जाया जाए ताकि आम लोगों का विश्वास फिर से बहाल हो सके।
