पाकिस्तान में हमला करते भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट। इमेज-प्रतीकात्मक, एआई
Who attacked Kirana Hills in Pakistan : भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के करीब 9 महीने बाद अपनी चुप्पी तोड़ते हुए पाकिस्तान के भीतर की गई कार्रवाई पर बड़ा बयान दिया है। पिछले साल मई में पहलगाम आतंकी हमले के प्रतिशोध में शुरू हुए इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान के सैन्य और आतंकी बुनियादी ढांचे को हिलाकर रख दिया था। महज चार दिनों की इस सैन्य कार्रवाई ने पाकिस्तान को इस कदर बेबस कर दिया था कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गुहार लगाने को मजबूर हो गया था।
इस पूरे ऑपरेशन का सबसे चर्चा का विषय किराना हिल्स पर हुआ हमला रहा है। माना जाता है कि इसी पहाड़ी की सुरंगों में पाकिस्तान ने अपने परमाणु हथियारों का जखीरा छिपा रखा है। जब भारतीय प्रहार से इस सुरंग का मुहाना तबाह हुआ तो वहां से कई दिनों तक धुंआ निकलता रहा। स्थिति इतनी गंभीर थी कि अमेरिका को परमाणु विकिरण (रेडिएशन) की जांच के लिए अपना विशेष विमान भेजना पड़ा था।
हाल में वाइस एयर चीफ एयर मार्शल नागेश कपूर ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह सच है कि हमने पाकिस्तान के कई आतंकी ढांचों और सैन्य ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट किया। वैसे, किराना हिल्स पर हुए रहस्यमयी धमाके और उसमें इस्तेमाल किए गए हथियार पर उन्होंने कूटनीतिक खामोशी बनाए रखी। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि वहां के वीडियो खुद पाकिस्तान के लोगों ने ही साझा किए हैं। मगर, वह हमला कैसे हुआ या उसमें किनकी भूमिका थी, उस पर भारतीय वायुसेना कुछ नहीं कहेगी।
#WATCH | Delhi | On being asked about the attacks on Pakistan’s Kirana Hills during Operation Sindoor, Vice Air Chief Air Marshal Nagesh Kapoor says, “We attacked terror infrastructure and several of their (Pakistan’s) military installations. This is absolutely true. If you see… pic.twitter.com/kZ7FJmmOlj — ANI (@ANI) February 11, 2026
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एयर मार्शल ने राफेल फाइटर जेट्स की जमकर तारीफ की। अधिकारी ने उन्हें इस पूरे संघर्ष का असली हीरो बताया। उन्होंने बताया कि राफेल की मारक क्षमता और सटीकता ने दुश्मन के खेमे में दहशत पैदा कर दी थी। सैन्य चुनौतियों को देखते हुए अब वायुसेना अपने कॉम्बैट फ्लीट को और अधिक आधुनिक बनाने पर जोर दे रही है।
चीन और पाकिस्तान की दोहरी चुनौती को देखते हुए भारतीय वायुसेना को 42 स्क्वाड्रन की आवश्यकता है। वर्तमान में यह संख्या घटकर केवल 29 रह गई है। इस कमी को पूरा करने के लिए सरकार 114 नए मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट खरीदने की तैयारी में है। रक्षा खरीद परिषद (DAC) से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। योजना के अनुसार कुछ विमान सीधे विदेशी कंपनियों से खरीदे जाएंगे। शेष विमानों का निर्माण मेक इन इंडिया के तहत भारत में ही किया जाएगा। यह सौदा भारत के रक्षा इतिहास के सबसे बड़े समझौतों में से एक होने वाला है।