गणतंत्र दिवस विशेष: 26 जनवरी को ही क्यों लागू हुआ संविधान? जानें पहली परेड का इतिहास और तिरंगा फहराने के नियम
Republic Day Special: 26 जनवरी को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। जानें क्यों चुनी गई यह विशेष तारीख, पहली परेड कहां हुई थी और ध्वजारोहण व झंडा फहराने के बीच क्या अंतर है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
गणतंत्र दिवस परेड, फोटो- सोशल मीडिया
Republic Day Parade History: भारत में गणतंत्र दिवस केवल एक राष्ट्रीय उत्सव नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे और संवैधानिक संप्रभुता का प्रतीक है। 26 जनवरी 1950 को जब भारत का संविधान आधिकारिक तौर पर लागू हुआ, तब से यह दिन हर भारतीय के लिए गर्व और राष्ट्रवाद का सर्वोच्च क्षण बन गया है।
26 जनवरी का ऐतिहासिक महत्व: क्यों चुनी गई यही तारीख?
भारतीय संविधान को तैयार करने में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था। हालांकि संविधान सभा ने इसे 26 नवंबर 1949 को ही अपना लिया था, लेकिन इसे लागू करने के लिए 26 जनवरी 1950 का दिन चुना गया। इसके पीछे एक गहरा ऐतिहासिक कारण था। दरअसल, 26 जनवरी 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत को ‘पूर्ण स्वराज’ घोषित किया था। इस ऐतिहासिक तिथि की याद को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए ठीक 20 साल बाद इसी दिन संविधान लागू कर भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया गया।
कैसे मनाया गया पहला गणतंत्र दिवस?
पहले गणतंत्र दिवस के अवसर पर तीनों सेनाओं और पुलिस के लगभग 3,000 अधिकारी और जवान सामूहिक बैंड के साथ औपचारिक परेड में शामिल हुए थे। तकरीबन 15,000 दर्शकों की क्षमता वाले इस एम्फीथियेटर में भारत के हालिया इतिहास की सबसे भव्य और प्रभावशाली सैन्य परेडों में से एक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और दर्शक दीर्घा में मौजूद लोग अलग-अगल परिधान में नजर आ रहे थे। तीनों सशस्त्र बलों और पुलिस का प्रतिनिधित्व करने वाले सात सामूहिक बैंड ने दर्शकों का मनोरंजन किया, जबकि सेना की कई इकाइयों, स्थानीय टुकड़ियों और रेजिमेंट ने इस मौके को अनुशासन, रंग और सटीकता के साथ यादगार बना दिया।
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राष्ट्रपति ही क्यों फहराते हैं तिरंगा?
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल होता है कि स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री और गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति ही क्यों झंडा फहराते हैं? जब 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ, तब प्रधानमंत्री ही देश के मुखिया थे, इसलिए जवाहर लाल नेहरू ने ध्वजारोहण किया। लेकिन 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के बाद, डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने देश के संवैधानिक प्रमुख के तौर पर राष्ट्रपति की शपथ ली थी। इसी कारण उन्होंने पहली बार 21 तोपों की सलामी के साथ झंडा फहराया था और तब से यह परंपरा चली आ रही है।
ध्वजारोहण (Hoisting) और झंडा फहराने (Unfurling) में अंतर
15 अगस्त और 26 जनवरी के समारोहों में एक तकनीकी अंतर होता है। 15 अगस्त को ‘ध्वजारोहण’ किया जाता है, जिसमें तिरंगे को नीचे से रस्सी के माध्यम से खींचकर ऊपर ले जाया जाता है और फिर फहराया जाता है। इसके विपरीत, 26 जनवरी को तिरंगा पहले से ही ऊपर बंधा होता है, जिसे केवल खोलकर फहराया जाता है; इसे ‘झंडा फहराना’ कहते हैं।
गणतंत्र दिवस परेड का दिलचस्प सफर
पहली गणतंत्र दिवस परेड साल 1950 में इरविन एम्फीथिएटर (वर्तमान मेजर ध्यानचंद स्टेडियम) में आयोजित की गई थी।, शुरुआती सालों में परेड का स्थान बदलता रहा और यह लाल किला या रामलीला मैदान में भी हुई। राजपथ (जिसे अब कर्तव्य पथ कहा जाता है) पर पहली परेड 1955 में आयोजित की गई थी। कर्तव्य पथ की कुल लंबाई 3 किमी से अधिक है और अब यहीं प्रतिवर्ष मुख्य आयोजन होता है।
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तिरंगा फहराने के कड़े नियम और ध्वज संहिता
तिरंगा फहराते समय ‘भारत ध्वज संहिता’ का पालन करना अनिवार्य है। कुछ प्रमुख नियम इस प्रकार हैं:
• तिरंगे का आकार आयताकार और लंबाई-चौड़ाई का अनुपात 3:2 होना चाहिए।
• केसरिया रंग हमेशा ऊपर और हरा रंग नीचे होना चाहिए।
• झंडा कभी भी जमीन को नहीं छूना चाहिए और न ही कटा-फटा होना चाहिए।
• अब मशीन से बने या पॉलिएस्टर के झंडे फहराने की भी अनुमति है और इसे दिन-रात 24 घंटे फहराया जा सकता है।
• झंडे का अपमान करने या उस पर कुछ लिखने पर 3 साल की जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
Frequently Asked Questions
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Que: 26 जनवरी को ही गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है?
Ans: 26 जनवरी 1930 को घोषित 'पूर्ण स्वराज' के दिन को यादगार बनाने के लिए इसी तारीख को संविधान लागू किया गया था।
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Que: भारतीय संविधान को बनाने में कुल कितना समय लगा था?
Ans: संविधान को तैयार करने में कुल 2 साल, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था।
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Que: गणतंत्र दिवस पर झंडा कौन फहराता है?
Ans: देश के संवैधानिक प्रमुख होने के नाते राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस पर झंडा फहराते हैं।
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Que: पहली गणतंत्र दिवस परेड कहाँ आयोजित की गई थी?
Ans: पहली परेड 1950 में इरविन एम्फीथिएटर (वर्तमान मेजर ध्यानचंद स्टेडियम) में हुई थी।
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Que: गणतंत्र दिवस 2026 की मुख्य थीम क्या है?
Ans: इस साल की मुख्य थीम 'वंदे मातरम्' चुनी गई है, जो हमारे राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में है।
