बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद का दिल्ली आवास, फोटो- सोशल मीडिया
Fire in Ravi Shankar Prasad House: राजधानी के वीवीआईपी इलाके लुटियंस जोन में बुधवार सुबह उस समय तनाव फैल गया, जब वरिष्ठ बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद के आवास से धुएं का गुबार उठते देखा गया। सुबह करीब 8 बजे लगी इस आग की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।
दिल्ली के हाई-प्रोफाइल इलाके 21 मदर टेरेसा क्रिसेंट रोड पर स्थित बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का सरकारी निवास बुधवार की सुबह एक हादसे का गवाह बना। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 8:05 बजे घर के एक कमरे में आग की लपटें उठती देखी गईं। शुरुआती जांच में यह पाया गया कि आग कमरे में रखे एक बेड में लगी थी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया था। घर के कर्मचारियों ने जैसे ही लपटें देखीं, तुरंत फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी गई।
आग की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की टीमें तुरंत हरकत में आईं, हालांकि शुरुआत में लोकेशन को लेकर थोड़ा भ्रम पैदा हो गया था। दमकल विभाग को शुरुआती कॉल में कोठी नंबर 2 में आग लगने की जानकारी दी गई थी। लेकिन जब दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और बारीकी से जांच की, तो पता चला कि असल में घटना कोठी नंबर 21 यानी रविशंकर प्रसाद के आवास पर हुई है। इस छोटे से व्यवधान के बावजूद, दमकल की तीन गाड़ियां बिना देर किए सही पते पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया।
इस पूरी घटना में सबसे राहत की बात यह रही कि आग लगने के दौरान कमरे में कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था। इस वजह से एक बहुत बड़ा हादसा होने से बच गया और किसी भी प्रकार की जनहानि या चोट लगने की खबर सामने नहीं आई है। दमकलकर्मियों ने अपनी मुस्तैदी से कुछ ही समय में आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया, जिससे घर के अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचने से बचा लिया गया।
#WATCH | Delhi | Fire tenders and Delhi Police Forensics Team at the spot after a fire broke out at BJP MP Ravi Shankar Prasad’s residence. Further details awaited. pic.twitter.com/HwkhCw98gI — ANI (@ANI) January 14, 2026
फिलहाल, दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी हुई हैं। शुरुआती तौर पर आग का केंद्र बेड को ही माना जा रहा है, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी या इसके पीछे कोई अन्य तकनीकी कारण था। अधिकारी मामले की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी दोबारा समीक्षा की जा रही है।