

रांची : झारखंड की राजधानी रांची में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक नेता की हत्या के विरोध में भाजपा, ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) पार्टी और अन्य संगठनों के समर्थक बृहस्पतिवार को सड़कों पर उतर आए तथा राज्य की राजधानी में उनके द्वारा आहूत नौ घंटे का बंद शुरू हो गया।
जानकारी दें कि, भाजपा के रांची ग्रामीण जिला महासचिव अनिल महतो टाइगर की बुधवार को दिनदहाड़े रांची में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह पूर्व जिला परिषद सदस्य भी थे। पार्टी के झंडे थामे कार्यकर्ताओं ने सुबह से ही रांची के हरमू, धुर्वा और पिस्का मोड़ सहित विभिन्न इलाकों में प्रदर्शन किया।
इस हत्या के विरोध में भाजपा नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया, पुलिस ने उन्हें एहतियातन हिरासत में लिया। वहीं एसपी सिटी-रांची राज कुमार मेहता कहते हैं, "हम यहां सामान्य स्थिति बहाल करने और दुकानें खोलने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि 'बंद' लागू करना कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है।"
इस बाबत पार्टी प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा ने कहा, ‘‘हमने राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था और अनिल महतो टाइगर की हत्या के विरोध में शाम पांच बजे तक नौ घंटे के बंद का आह्वान किया है।'' झारखंड क्रांतिकारी लोकतांत्रिक मोर्चा, केंद्रीय सरना समिति और कुछ अन्य संगठनों ने भी बंद को समर्थन दिया है।
वहीं आज केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ रांची में भाजपा नेता अनिल टाइगर की हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होने कहा कि, "मैं एक जन प्रतिनिधि होने के नाते मूकदर्शक नहीं रह सकता। रांची अपराध की राजधानी बन गई है। हेमंत सोरेन की सरकार में कानून का शासन ध्वस्त हो गया है। यह जंगल राज है। मैं कहता हूं कि यहां 'योगी' मॉडल लागू होना चाहिए। सुबह यहां के DSP मेरे आवास पर आए। मुझे सुरक्षा की जरूरत नहीं है या गेस्ट हाउस में मुझे बैठने की जरूरत नहीं है, क्योंकि मैं एक जन प्रतिनिधि हूं।"
बंद के मद्देनजर आज शहर के अधिकतर स्कूल बंद रहे। सुबह के समय सड़कों पर वाहनों की संख्या भी अन्य दिनों की तुलना में कम रही। रांची प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है तथा प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से बंद रखने की अपील की है।