

मुज्जफरनगरः किसान नेता व बीकेयू प्रवक्ता राकेश टिकैत की अपने ही इलाके में फजीहत हो गई। शुक्रवार को मुजफ्फर नगर में उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा। पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने सिंधु जल समझौता स्थगित कर दिया था। इस पर किसान नेता नरेश टिकैत व राकेश टिकैत ने गलत बताया था। हालांकि भाजपा नेताओं के विरोध के बाद दोनों किसान नेता अपने बयान से पलट गए थे। इसके साथ खेद भी जताया था, लेकिन जनता में अभी आक्रोश है।
आज पहलगाम आतंकी हमले के खिलाफ आयोजित जनआक्रोश रैली में उन्हें जबरस्त विरोध का सामान करना पड़ा। उनके सिर पर झंडा भी मारा गया। उनकी पगड़ी भी निकल गई। इससे वह बुरी तरह बिफर पड़े। विरोध करने वालों को नागपुरिया कहते हुए कहा कि कुछ नए हिंदू बने हैं। पहलगाम जैसे आतंकी हमले के मामले पर भी देश का बांटने की कोशिश कर रहे हैं। इनको करारा जवाब देंगे और यहीं इसी मैदान में देंगे।
भड़कते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि मेरा कोई विरोध नहीं है। यहां कुछ लोग नए हिंदू बने हैं। उनकी मानसिकता खराब है। आतंकी हमले के मुद्दे पर भी देश को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। हम अपना ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे। टिकैत ने लोगों ने यहां पर विरोध किया है, एक तहर से हमारे खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की गई। हम डरपोक लोग नहीं है। उनको जवाब मिलेगा। उन्होंने कहा कि यहां किसी दल का आयोजन नहीं था। अगर आप कहते हैं कि पार्टी का कार्यक्रम है तो कोई नहीं आता।
राकेश टिकैत ने विरोध कर रहे लोगों को चुनौती देते हुए कहा कि हमने पहले भी दिखाया है, फिर से दिखाएंगे और इसी मैदान में दिखाएंगे। जितने लोग एकत्रित हुए हैं उनसे दोगुना लोगों को जमा करके दिखाएंगे। पहलगाम को लेकर टिकैत के एक बयान को इस विरोध से जोड़ा जा रहा है। इस पर टिकैत ने सवाल किया कि कौन हमारी देशभक्ति पर सवाल उठाएगा। इन लोगों को न कुछ पता है और नहीं कुछ ज्ञान है। ये नए हिंदू बने लोग हैं, इन्हें जितना पढ़ाया जाता है, उतना ही जानते हैं। हम तो भारतीय हैं, इनसे पूछो ये भारतीय हैं या नागपुरिया हैं।