असम में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, रेल और सड़क सेवाएं ठप, अब तक 8 लोगों की मौत
असम में भारी बारिश के कारण सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जिससे रेल और सड़क सेवाएं बाधित हुई हैं। अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 15 से अधिक जिलों में 78,000 से ज्यादा लोग इस आपदा की चपेट में आ चुके हैं।
- Written By: विकास कुमार उपाध्याय
असम में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, फोटो - सोशल मीडिया
दिसपुर : असम में भारी बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। 1 जून दिन रविवार को भी राज्य में मूसलाधार बारिश जारी रही, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। अब तक बाढ़ और भूस्खलन के कारण 8 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 15 से अधिक जिलों में 78,000 से ज्यादा लोग इस आपदा की चपेट में आ चुके हैं।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने जानकारी दी है कि बराईग्राम-दुल्लभछड़ा रूट पर जलभराव के चलते पटरियों पर पानी बहने लगा है, जिस कारण दुल्लभछड़ा-सिलचर पैसेंजर ट्रेन को रद्द कर दिया गया है। वहीं, दुल्लभछड़ा-गुवाहाटी एक्सप्रेस ट्रेन अब बराईग्राम से रवाना की जाएगी। लगातार बारिश के कारण रेल मार्गों पर परिचालन कठिन हो गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-17 भी जलमग्न, यातायात बाधित
कामरूप जिले के चायगांव क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-17 का एक बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया है, जिससे सड़क परिवहन भी बुरी तरह प्रभावित हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि मेघालय से आने वाला अतिरिक्त पानी स्थिति को और गंभीर बना रहा है। हालांकि, वैकल्पिक मार्गों से ट्रैफिक को सुचारू करने के प्रयास लगातार जारी हैं।
सम्बंधित ख़बरें
तीसरा विश्वयुद्ध दूर नहीं! मिडिल ईस्ट संकट और भारत पर असर को लेकर Ex Lt Gen अरुण साहनी का बड़ा खुलासा- VIDEO
IMD Heavy Rain Alert Maharashtra: महाराष्ट्र में इन जगहों पर फटेगा बादल, 10 जिलों में आसमान से बरसेगी आफत
नागरिक बोले- ऐसा विकास नहीं चाहिए, करोड़ों के दावों की खुली पोल, तीन घंटे की बारिश में डूबा नागपुर
भंडारा में बारिश का कहर, 3 दिन का ऑरेंज अलर्ट, बिजली गिरने से गाय की मौत
केंद्रीय जल आयोग का ऑरेंज बुलेटिन
केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने राज्य की भयावह स्थिति को देखते हुए ऑरेंज बुलेटिन जारी किया है। ब्रह्मपुत्र और बराक समेत 10 प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। डिब्रूगढ़ और निमतीघाट (जोरहाट) में ब्रह्मपुत्र नदी सबसे ज्यादा उफान पर है। वहीं, धनसिरी, कोपिली, धलेश्वरी, रुकनी, कटखल और बराक जैसी नदियां भी अपनी सीमा पार कर चुकी हैं।
मौसम विभाग का रेड और ऑरेंज अलर्ट, स्थिति बेहद गंभीर
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को राज्य के तीन जिलों में रेड अलर्ट और आठ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। अरुणाचल प्रदेश और मेघालय से आने वाला पानी बाढ़ की स्थिति को और बिगाड़ रहा है।
राहत और बचाव कार्य जारी, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीम तैनात
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, फायर ब्रिगेड और अन्य राहत दलों को प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है। सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने हालात को असामान्य स्थिति बताया है और कहा है कि सरकार हर संभव राहत प्रदान करने में जुटी हुई है।
