भीड़ नियंत्रण के लिए रेलवे का ‘3-स्तरीय वॉर रूम’, 3000 रिजर्व ट्रेनों का मास्टरप्लान
Indian Railways ने स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन के लिए डिविजन, जोनल और बोर्ड स्तर पर तीन वॉर रूम बनाए हैं। 3,000 रिजर्व ट्रेनें भी तैयार रखी गई हैं ताकि अचानक भीड़ बढ़ने पर उन्हें तुरंत आपूर्ति की जा सके।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव
Indian Railways War Room Update: यात्रियों की भारी भीड़ से निपटने के लिए भारतीय रेलवे ने विशेष इंतजाम किए हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इसके लिए डिवीजन, जोनल और बोर्ड लेवल पर तीन स्तरीय वॉर रूम स्थापित किए गए हैं। साथ ही, अचानक भीड़ बढ़ने पर उपयोग के लिए 3,000 ट्रेनों को रिजर्व में रखा गया है।
भारतीय रेलवे ने स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ से निपटने और प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि इन इंतजामों के तहत, डिवीजन, जोनल और बोर्ड लेवल पर तीन स्तरीय वॉर रूम बनाए गए हैं। इन वॉर रूम के जरिए स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ के स्तर को देखते हुए त्वरित निर्णय लिए जा रहे हैं।
कैसे काम करता है वॉर रूम
केंद्रीय मंत्री ने वॉर रूम के कार्य करने के तरीके पर विस्तार से बात करते हुए बताया कि भारतीय रेलवे ने यात्रियों की भारी भीड़ पर नजर रखने और उनका प्रबंधन करने के लिए रेल भवन में भी एक वॉर रूम स्थापित किया है। मंत्री ने बताया कि यह कमांड सेंटर वास्तविक समय पर निगरानी रखने में सक्षम है। यह अधिकारियों को भीड़भाड़, यात्रियों की शिकायतों और संभावित घटनाओं का तुरंत समाधान करने में भी सक्षम बनाता है।
सम्बंधित ख़बरें
उत्तराखंड के पहाड़ों पर धधकी आग, टिहरी में भीषण वनाग्नि का तांडव, 14 हेक्टेयर में फैले जंगलों को भारी नुकसान
ओडिशा के चर्चित नबरंगपुर ट्रिपल मर्डर के 19 गुनहगारों को उम्रकैद, 10 साल बाद न्याय, अंधविश्वास ने ली थी 3 जान
SBI के करोड़ों ग्राहकों के लिए बड़ी चेतावनी! अगले 6 दिनों तक बंद रहेंगे बैंक, जान लें क्या है अल्टरनेटिव
आम आदमी की जेब पर बड़ा झटका! 10 दिनों में तीसरी बार बढ़ीं पेट्रोल डीजल की कीमतें
यह वॉर रूम सम्पूर्ण भारतीय रेलवे नेटवर्क की देखरेख करने वाली एक प्रभावी प्रणाली के रूप में विकसित हो चुका है। वर्तमान में, रेलवे बोर्ड, जोनल और डिवीजन स्तर पर 80 से अधिक वॉर रूम सक्रिय हैं। रेलवे ने पहले ही 10,700 ट्रेनों की समय सारणी आईआरटीसीटी के माध्यम से जारी कर दी है। इसके अलावा, अचानक भीड़ भड़ने पर ट्रेनों की आपूर्ति को तुरंत बढ़ाया जा सके, इसके लिए लगभग 3,000 ट्रेनों को रिजर्व में रखा गया है।
सूरत के उधना रेलवे स्टेशन का दिया हवाला
वॉर रूम की प्रभावशीलता का उदाहरण देते हुए, केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 18 अक्टूबर को सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर काफी भीड़ देखी गई थी। उस समय, वॉर रूम से तुरंत आसपास के स्टेशनों पर रखी गई रिजर्व ट्रेनों को बुलाया गया, जिससे समस्या को तुरंत सुलझाया गया।
यह भी पढ़ें: बिहार चुनाव: महागठबंधन में सुलझ गया इन 3 सीटों पर आपसी विवाद, अब 8 सीटों पर होगी ‘फ्रेंडली फाइट’
इसी तरह की स्थिति एक दिन अंबाला में भी देखी गई, जहां जलंधर और उसके आसपास रिजर्व रखी गई ट्रेनों की आपूर्ति बढ़ाकर स्टेशन पर भीड़ को कम किया गया। रेलवे ने इस साल बिहार पर भी विशेष ध्यान दिया है। मंत्री ने आगे बताया कि इस साल बिहार में गंतव्य की संख्या को बढ़ाकर 18 कर दिया गया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा केवल 7 था।
