बिहार चुनाव: महागठबंधन में सुलझ गया इन 3 सीटों पर आपसी विवाद, अब 8 सीटों पर होगी 'फ्रेंडली फाइट'

बिहार चुनाव में महागठबंधन में 12 सीटों पर होने वाली 'फ्रेंडली फाइट' अब 8 सीटों पर सिमट गई है। कांग्रेस और वीआईपी के तीन उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिया है।
bihar-election-mahagathbandhan-seat-sharing-conflict
महागठबंधन में अब 8 सीटों पर फ्रेंडली फाइट (फोटो- सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Bihar Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर, महागठबंधन में 12 सीटों पर होने वाली 'फ्रेंडली फाइट' को टालने के लिए कांग्रेस और वीआईपी के तीन उम्मीदवारों ने नामांकन वापस ले लिया है। नाम वापसी की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद, अब यह तय हो गया है कि गठबंधन में सिर्फ 8 सीटों पर ही सहयोगी दल आमने-सामने होंगे।

बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए, महागठबंधन में 12 सीटों पर 'फ्रेंडली फाइट' की नौबत आ गई थी। इस टकराव को कम करने के लिए, कांग्रेस और वीआईपी (VIP) के तीन उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस ले लिया है। नाम वापस लेने की आखिरी तारीख समाप्त हो चुकी है, और अब यह तय हो गया है कि गठबंधन में सहयोगी दल केवल 8 सीटों पर ही आमने-सामने होंगे।

जिन तीन सीटों पर यह विवाद सुलझा है, उनके उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस ले लिया है:

1. बाबूबरही विधानसभा सीट: यहां से वीआईपी की उम्मीदवार बिंदु गुलाब यादव ने अपना नाम वापस लिया। अब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अरुण कुशवाहा ही महागठबंधन के एकमात्र उम्मीदवार होंगे। 2. कटिहार के प्राणपुर विधानसभा सीट: इस सीट से महागठबंधन में कांग्रेस के प्रत्याशी तौकीर आलम ने अपना नाम वापस लिया है। अब राजद की इशरत प्रवीण ही उम्मीदवार होंगी। 3. नवादा के वारसलीगंज: कांग्रेस उम्मीदवार सतीश सिंह उर्फ मंटन सिंह ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। यहां अब राजद से कुमारी अनीता, जो अशोक महतो की पत्नी हैं, वही उम्मीदवार हैं।

गौड़ाबौराम सीट अभी भी अधर में

हालांकि, गौड़ाबौराम सीट पर अभी भी स्थिति साफ नहीं हुई है। इस सीट पर वीआईपी और राजद दोनों के उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। दरअसल, आरजेडी ने पहले अफजल अली खान को पार्टी का सिंबल दिया था, लेकिन बाद में यह सीट वीआईपी के लिए छोड़ दी गई। इसके बाद, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी के छोटे भाई संतोष साहनी को यहां से प्रत्याशी बनाया गया।

वीआईपी और राजद के बीच फाइट

गौड़ाबौराम में राजद ने अपना उम्मीदवार वापस लेने का पत्र तो जारी किया था, लेकिन तकनीकी कारणों से यह वापस नहीं हो पाया। अफजल अली ने भी अपना नामांकन वापस नहीं लिया, जिसके बाद टकराव की स्थिति बनी रही और मामला हाई कोर्ट तक पहुंचने की बात भी हुई थी। वीआईपी प्रमुख को डिप्टी सीएम उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद भी यहां वीआईपी और राजद दोनों के उम्मीदवार मैदान में हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com