राहुल-प्रियंका गांधी ने नितिन गडकरी से की मुलाकात, बैठक का वीडियो आया सामने, जानें क्या हुई बात?
Rahul Gandhi Nitin Gadkari Meeting: लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से संसद भवन में मुलाकात की।
- Written By: आकाश मसने
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से चर्चा करते राहुल गांधी व प्रियंका गांधी वाड्रा (सोर्स: सोशल मीडिया)
Rahul Gandhi Priyanka Gandhi Meet Nitin Gadkari: आज संसद भवन में गजब का दृश्य देखने को मिला। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद भवन में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। जिसका एक वीडियो सामने आया है।
क्या हुई बात?
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य राजस्थान, विशेषकर जयपुर और जालौर क्षेत्र के हजारों बस बॉडी बिल्डर्स के सामने आ रही तकनीकी और नियामक चुनौतियों का समाधान निकालना था।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से संसद भवन में मिल रहे हैं#Parliament pic.twitter.com/yJucm4jnV2 — Poonam Pandey (@pandeypoonam20) March 18, 2026
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केंद्र सरकार द्वारा सुरक्षा मानकों को कड़ा करने के लिए लागू किए गए नए ‘बस बॉडी कोड’ (AIS 052) के कारण छोटे और मध्यम स्तर के बॉडी बिल्डर्स के लिए काम करना मुश्किल हो गया है। राजस्थान के बॉडी बिल्डर्स का तर्क है कि नई मान्यता प्रक्रिया और भारी-भरकम फीस के कारण उनका पारंपरिक व्यवसाय ठप होने की कगार पर है।
राहुल और प्रियंका ने उठाई आवाज
बैठक के दौरान राहुल गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर हजारों सूक्ष्म और लघु उद्योगों को खत्म नहीं किया जाना चाहिए। प्रियंका गांधी ने गडकरी को बताया कि राजस्थान में पीढ़ियों से लोग बस बॉडी बनाने के काम से जुड़े हैं। नए कड़े नियमों और जटिल सर्टिफिकेशन प्रक्रिया ने उनके सामने भुखमरी की स्थिति पैदा कर दी है। उन्होंने मांग की कि नियमों में कुछ लचीलापन लाया जाए ताकि स्थानीय कारीगर भी इस प्रतिस्पर्धा में टिक सकें।
नितिन गडकरी ने दिया आश्वासन
केंद्रीय मंत्री और नागपुर सांसद नितिन गडकरी ने कांग्रेस नेताओं की बातों को गंभीरता से सुना। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार यात्रियों की सुरक्षा से समझौता नहीं कर सकती, लेकिन वह छोटे उद्यमियों की समस्याओं पर विचार करने के लिए तैयार हैं। गडकरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे राजस्थान बस बॉडी बिल्डर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर तकनीकी पहलुओं की समीक्षा करें।
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राजस्थान पर क्या होगा असर?
अगर सरकार इन नियमों में थोड़ी राहत देती है, तो राजस्थान के जयपुर, जोधपुर और भीलवाड़ा जैसे शहरों में स्थित सैकड़ों वर्कशॉप्स को फिर से संजीवनी मिल सकती है। वर्तमान में, मान्यता न होने के कारण इन बिल्डर्स द्वारा बनाई गई बसों का पंजीकरण नहीं हो पा रहा है, जिससे करोड़ों रुपये का निवेश फंसा हुआ है।
