Rahul Gandhi Targeted The Central Government From Prayagraj
प्रयागराज से राहुल गांधी ने केन्द्र सरकार पर साधा निशाना, बोले-देश में नहीं है हुनर की कद्र
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शनिवार को संविधान सम्मान सम्मेलन में भाग लेने प्रयागराज पहुंचे। यहां उन्होंने हाथ में संविधान की प्रति लेकर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। राहुल गांधी ने यहां कहा कि देश में हुनर की कोई कद्र नहीं है।
प्रयागराज में आयोजित संविधान सम्मान सम्मेलन में बोलते हुए राहुल गांधी (सोर्स सोशल मीडिया)
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प्रयागराज: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शनिवार को संविधान सम्मान सम्मेलन में भाग लेने प्रयागराज पहुंचे। यहां उन्होंने हाथ में संविधान की प्रति लेकर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। राहुल गांधी ने यहां कहा कि देश में हुनर की कोई कद्र नहीं है। बयान के दौरान राहुल गांधी ने बढ़ई, मोची धोबी का जिक्र करते हुए कहा कि इनके हाथों में जबरदस्त स्किल है।
रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को प्रयागराज में संविधान सम्मान सम्मेलन में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने चिर-परिचित अंदाज में संविधान की प्रति हाथों में लेकर केन्द्र एनडीए सरकार पर करारा प्रहार किया। राहुल गांधी ने कहा कि देश में हर तबके के हाथों में हुनर है लेकिन उसकी कोई कद्र नहीं है।
इस देश में हुनर की इज्जत है ही नहीं।ये देश की सच्चाई है।
राहुल गांधी ने यहां सिस्टम को निशाना बनाते हुए कहा कि नब्बे प्रतिशत लोग व्यवस्था के बाहर बैठे हैं। इसमे अल्पसंख्यक भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास कौशल एवं ज्ञान तो हैं, लेकिन उनकी (ऊपर तक) पहुंच नहीं है। इसलिए वह तमाम सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं।
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि हमन मिस इंडिया की एक लिस्ट निकाली है। सोचा था कि इसमें एक आध दलित नाम भी होगा। लेकिन दुर्भाग्यवश मुझे एक भी नाम नहीं मिला। उन्होंने कहा कि उस लिस्ट में न दलित हैं, न आदिवासी हैं न ओबीसी है। इसके हवाले से राहुल ने जातिगत जनगणना की बात भी उठाई।
जातिगत जनगणना की मांग दोहराई
नब्बे प्रतिशत लोग व्यवस्था के बाहर बैठे हैं, यही कारण है कि हमने जातीय जनगणना की मांग उठायी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए जातिगत जनगणना नीति निर्माण की बुनियाद है। नीति निर्माण का यही आधार है। यह समझना भी जरूरी है कि पैसे का वितरण कैसे हो रहा है। यह भी पता लगाना जरूरी है कि ओबीसी, दलित, नौकरशाही, न्यायपालिका, मीडिया में काम करने वाले लोगों की भागीदारी क्या है।