‘घर-घर मातम है…ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान’, इंदौर जलकांड पर बिफरे राहुल गांधी
Indore Water Contamination: इंदौर में जहरीले पानी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। दूषित पानी पीने से एक और महिला की मौत हो गई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
राहुल गांधी (Image- Social Media)
Rahul Gandhi on Indore Water Contamination: इंदौर में जहरीले पानी से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। इस गंभीर स्वास्थ्य संकट ने अब सियासी रंग भी ले लिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार पर सीधा हमला बोला है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा- इंदौर में पानी नहीं, ज़हर बंटा और प्रशासन गहरी नींद में था। घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं और ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी, लेकिन सरकार ने घमंड परोस दिया। लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की – फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई? सीवर पानी में कैसे मिला? समय रहते सप्लाई क्यों नहीं रोकी गई? जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी?
इंदौर में पानी नहीं, ज़हर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा। घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं – और ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी; सरकार ने घमंड परोस दिया। लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की – फिर भी… — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 2, 2026
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उन्होंने आगे लिखा- ये ‘फोकट’ सवाल नहीं हैं, ये जवाबदेही की मांग है। साफ पानी एहसान नहीं, जीवन का अधिकार है। और इस अधिकार की हत्या के लिए BJP का डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह ज़िम्मेदार है। मध्यप्रदेश अब कुप्रशासन का केंद्र बन चुका है, कहीं खांसी की सिरप से मौतें, कहीं सरकारी अस्पताल में बच्चों की जान लेने वाले चूहे, और अब सीवर मिला पानी पीकर मौतें। और जब-जब गरीब मरते हैं, मोदी जी हमेशा की तरह खामोश रहते हैं।
अब तक 15 की मौत
बता दें कि जहरीला पानी पीने से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 201 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से 32 को ICU में रखा गया है। 71 मरीजों को इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है। भागीरथपुरा इलाके में अब भी डर का माहौल है, लोग पानी पीने से भी डर रहे हैं। गलियां सुनसान पड़ी हैं क्योंकि ज्यादातर लोग अस्पतालों में भर्ती हैं।
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शौचालय के पास पाइपलाइन में लीकेज
भागीरथपुरा में एक पुलिस चौकी के पास मुख्य पीने के पानी की पाइपलाइन में लीकेज पाया गया था, जो एक शौचालय के पास स्थित थी। इस लीकेज के कारण पानी की सप्लाई दूषित हो गई, जिससे इलाके में संक्रमण फैलने की समस्या हुई। अधिकारियों ने पाइपलाइन की बारीकी से जांच शुरू कर दी है और यह सुनिश्चित करने के लिए सर्वे किया जा रहा है कि कहीं और भी किसी पाइपलाइन में लीकेज तो नहीं है।
