
कैलाश विजयवर्गीय। इमेज-सोशल मीडिया
Kailash Vijayvargiya News: मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का विवादों से पुराना नाता है। ताजा मामला इंदौर में दूषित पानी पीने से लोगों की मौत को लेकर एक पत्रकार द्वारा पूछे तीखे सवाल से जुड़ा है। उस पर कैलाश विजयवर्गीय ने न सिर्फ आपा खोया, बल्कि कैमरे पर आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया। इसके बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
विजयवर्गीय का ताजा वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एक टीवी पत्रकार ने उनसे दूषित पानी से लोगों की मौत पर सवाल पूछा तो मंत्री ने विवादित टिप्पणी कर दी, जिस पर भारी बवाल हुआ। बाद में विजयवर्गीय को बयान जारी करके खेद जताना पड़ा। पूरा मामला इंदौर का है, जहां दूषित पानी पीने से 8 लोगों की मौत हो चुकी है। 272 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से 71 लोगों को उपचार के बाद छुट्टी दी जा चुकी है। बहरहाल, कैलाश विजयवर्गीय ने पहली बार विवादित बयान नहीं दिया है। इसके पहले भी कई बार उनके बयानों को लेकर राजनीति गरमाई है।
अगस्त 2025 में विजयवर्गीय ने दावा किया था कि भारत ने 15 अगस्त 1947 को जो स्वतंत्रता हासिल की, वह कटी-फटी स्वतंत्रता थी। उन्होंने कहा था कि एक दिन आएगा, जब इस्लामाबाद में भारतीय ध्वज फहराया जाएगा। उस समय कांग्रेस ने विजयवर्गीय पर भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करने का आरोप लगाया था। भाजपा ने मंत्री का बचाव करते हुए कहा कि वह पिछले शासन की आलोचना कर रहे थे।
अक्टूबर 2025 में कैलाश विजयवर्गीय को इंदौर में दो ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों के साथ छेड़छाड़ के मामले पर की गई अपनी टिप्पणी के कारण आलोचना का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा था कि खिलाड़ियों को अपने होटल से बाहर निकलने से पहले अधिकारियों को सूचना देनी चाहिए थी। घटना को अधिकारियों और क्रिकेटरों दोनों के लिए एक सबक बताया था।
पत्रकार @Anurag_Dwary ने अपनी ज़िम्मेदारी निभाते हुए भाजपा सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से गंदे पानी से हुई मौत को लेकर सवाल पूछा। इस सवाल पर नेता जी उखड़ गए और जवाब देने के बजाय बदतमीज़ी पर उतर आए, और घंटे-मिनट गिनाने लगे। pic.twitter.com/VKQorQTM3L — Ankit Kumar Avasthi (@kaankit) December 31, 2025
अप्रैल 2023 में भाजपा नेता ने इंदौर में धार्मिक समारोह में यह कहकर विवाद खड़ा किया था कि खराब या छोटे कपड़े पहनने वाली लड़कियां शूर्पणखा की तरह दिखती हैं। तब वह भाजपा के महासचिव थे। कैबिनेट मंत्री जून 2025 में तब सुर्खियों में आए, जब कहा कि वह महिलाओं के छोटे कपड़े पहनने की प्रवृत्ति को अस्वीकार करते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह सुंदरता की विदेशी अवधारणा है। भारतीय परंपरा के अनुरूप नहीं है। भारतीय संस्कृति का हवाला देते हुए भाजपा नेता ने कहा था कि वह महिलाओं को देवी का रूप मानते हैं। उन्होंने कहा कि यहां भारत में कोई लड़की अच्छे और सुंदर कपड़े पहनती है। अच्छा मेकअप करती और अच्छे गहने पहनती है तो लोग उसे बहुत खूबसूरत मानते हैं, लेकिन विदेश में कोई महिला कम कपड़े पहनती है तो उसे अच्छा माना जाता है। विजयवर्गीय ने कहा कि अब यह उनकी (विदेशियों की) सोच है।
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जनवरी 2013 में दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए विजयवर्गीय ने जो कहा था, एक ही शब्द है मर्यादा। मर्यादा का उल्लंघन होता है तो सीता का हरण हो जाता है। लक्ष्मण रेखा हर व्यक्ति की खींची गई है। उस लक्ष्मण रेखा को कोई भी पार करेगा तो रावण सामने बैठा है। वह सीता का हरण करके ले जाएगा। उनकी इस टिप्पणी से काफी विवाद हुआ था और भाजपा को इस पर सफाई देनी पड़ी थी।






