राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के आरोप, चुनाव आयोग ने 15 प्वाइंट में किया पलटवार, बताया पूरा सच
Rahul Gandhi ने आज हरियाणा चुनाव को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर धांधली के आरोप लगाए। उनके आरोपों पर ECI ने भी पूरी हाजिर जबावी के साथ 15 बिन्दुओं में चुनाव का पूरा खाका जारी किया है।
- Written By: सौरभ शर्मा
हरियाणा चुनाव पर राहुल के आरोपों पर आयोग का जबाव (फोटो- सोशल मीडिया)
Rahul Gandhi Revealed Fake Voters in Haryana Election: लोकसभा में विपक्ष के नेता व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी इस समय पिछले कुछ महीनों से चुनाव आयोग की खामियों पर लगातार हमलावर बने हुए हैं इसी कड़ी में आज उन्होंने हरियाणा चुनाव में ‘वोट चोरी’ के आरोपों के बाद फिर से एक सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ‘H Files’ प्रेस कॉन्फ्रेंस में 25 लाख फर्जी वोटरों का सनसनीखेज दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि हर 8 में से एक वोट चोरी हो रहा है। राहुल गांधी ने सबूत के तौर पर वोटर लिस्ट की तस्वीरें भी दिखाईं, जिसमें एक ही तस्वीर पर कई नाम होने का दावा किया गया। इस गंभीर आरोप के बाद अब हरियाणा चुनाव आयोग ने मोर्चा संभाला है।
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के इन दावों को पूरी तरह निराधार बताते हुए 15 बिंदुओं में अपना पक्ष रखा है। आयोग ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी थी। 2 अगस्त 2024 को मसौदा वोटर लिस्ट छापी गई और 27 अगस्त को फाइनल लिस्ट प्रकाशित हुई। ये सभी लिस्टें मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ साझा की गई थीं। आयोग ने स्पष्ट किया कि उम्मीदवारों को भी 16 सितंबर को अंतिम सूची दी गई थी।
Some Important Facts in respect of Haryana Assembly Elections 2024 pic.twitter.com/q66ZID485X — Chief Electoral Officer, Haryana (@ceoharyana) November 5, 2025
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राहुल के आरोपों के बाद हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 से जुड़ी साझा की गई जानकारियां
1. प्रारूप मतदाता सूची (Draft Electoral Rolls) 2 अगस्त 2024 को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ साझा की गई।
2. विशेष सारांश पुनरीक्षण (SSR) के दौरान प्राप्त दावे व आपत्तियों की कुल संख्या: 4,16,408
3. कुल बी.एल.ओ. (BLOs) की संख्या: 20,629
4. अंतिम मतदाता सूची 27 अगस्त 2024 को प्रकाशित की गई और सभी मान्यता प्राप्त दलों को भेजी गई।
5. ईआरओ (ERO) के खिलाफ जिलाधिकारियों (DMs) के पास दायर अपीलों की संख्या: शून्य (Nil)
6. जिलाधिकारियों के आदेशों के खिलाफ सीईओ (CEO) के पास दायर द्वितीय अपीलों की संख्या: शून्य (Nil)
7. अंतिम मतदाता सूची प्रत्याशियों को 16 सितंबर 2024 को, नाम वापसी की अंतिम तिथि के बाद साझा की गई।
8. कुल मतदान केंद्रों की संख्या: 20,632
9. कुल प्रत्याशियों की संख्या: 1,031
10. सभी प्रत्याशियों द्वारा नियुक्त कुल मतदान अभिकर्ताओं (Polling Agents) की संख्या: 86,790
11. मतदान के अगले दिन जांच (Scrutiny) के दौरान प्रत्याशियों द्वारा दी गई आपत्तियों की संख्या: शून्य (Nil)
12. मतगणना के लिए नियुक्त कुल एजेंटों (Counting Agents) की संख्या: 10,180
13. मतगणना के दौरान आरओ (RO) को प्राप्त शिकायतें/आपत्तियां: 5
14. चुनाव परिणाम घोषित हुआ: 8 अक्टूबर 2024
15. चुनाव परिणाम को चुनौती देने हेतु दायर याचिकाओं की कुल संख्या: 23
तो फिर शिकायत क्यों नहीं की?
आयोग ने अपने जवाब में सबसे बड़ा सवाल यही उठाया कि अगर गड़बड़ी थी तो किसी ने आपत्ति क्यों नहीं जताई। चुनाव आयोग के अनुसार ERO के खिलाफ जिला मजिस्ट्रेट के पास ‘शून्य’ अपीलें दायर की गईं। जिला मजिस्ट्रेट के आदेशों के खिलाफ भी CEO के पास कोई दूसरी अपील नहीं आई। यहां तक कि मतदान के अगले दिन जांच के दौरान भी उम्मीदवारों की तरफ से कोई आपत्ति नहीं आई। 20 हजार से ज्यादा बूथों पर 86 हजार से ज्यादा पोलिंग एजेंट नियुक्त थे, फिर भी मतगणना के दौरान सिर्फ 5 आपत्तियां ही मिलीं।
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‘कांग्रेस की कमजोरी’: अभय चौटाला
राहुल गांधी के आरोपों पर हरियाणा की राजनीति भी जमकर गरमा गई है। इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के अध्यक्ष अभय चौटाला ने इसे कांग्रेस की कमजोरी छिपाने की कोशिश बताया है। चौटाला ने कहा कि यह कांग्रेस की पुरानी आदत है। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा की गई टिप्पणी को भी शर्मनाक बताया। दूसरी तरफ, चुनाव आयोग के विस्तृत जवाब से साफ है कि 8 अक्टूबर को परिणाम घोषित होने के बाद 23 चुनाव याचिकाएं जरूर दायर की गईं, लेकिन प्रक्रिया के दौरान किसी भी दल ने इन कथित 25 लाख फर्जी वोटों पर कोई आधिकारिक आपत्ति दर्ज नहीं कराई थी।
