‘गरीबों के हक छीनने की सोची-समझी साजिश’, मनरेगा खत्म करने पर कांग्रेस का केंद्र पर बड़ा हमला
Congress on MGNREGA: कांग्रेस ने मोदी सरकार पर मनरेगा (MGNREGA) को समाप्त कर गरीबों के कानूनी अधिकारों पर 'बुलडोजर' चलाने का गंभीर आरोप लगाया है। देखिए ये वीडियो-
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
Jairam Ramesh Statement: पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि मनरेगा का मूल उद्देश्य पंचायतों को सशक्त करना था, जहां ग्राम पंचायतें काम तय करती थीं, लेकिन अब रोजगार से जुड़े सभी फैसले केंद्र सरकार लेगी। महात्मा गांधी का नाम हटाना केवल नाम का बदलाव नहीं, बल्कि रोजगार के उस संवैधानिक हक को समाप्त करना है जो ‘नीति निर्देशक तत्वों’ से जुड़ा था।
कांग्रेस का दावा है कि सरकार ने बिना किसी पूर्व मशवरे या स्टैंडिंग कमेटी की चर्चा के संसद में जबरदस्ती यह बिल पारित किया है। इसे आरटीआई (RTI) को कमजोर करने के बाद अधिकारों को छीनने की एक सोची-समझी रणनीति बताया गया है। भविष्य में वन अधिकार, भूमि अधिग्रहण और खाद्य सुरक्षा कानून (NFSA) पर भी खतरा जताया गया है। वक्ता ने उल्लेख किया कि पूर्ववर्ती सरकार में मनरेगा 2.0 जैसे बदलाव राज्यों और विशेषज्ञों से विस्तृत चर्चा के बाद ही किए गए थे।
Jairam Ramesh Statement: पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि मनरेगा का मूल उद्देश्य पंचायतों को सशक्त करना था, जहां ग्राम पंचायतें काम तय करती थीं, लेकिन अब रोजगार से जुड़े सभी फैसले केंद्र सरकार लेगी। महात्मा गांधी का नाम हटाना केवल नाम का बदलाव नहीं, बल्कि रोजगार के उस संवैधानिक हक को समाप्त करना है जो ‘नीति निर्देशक तत्वों’ से जुड़ा था।
कांग्रेस का दावा है कि सरकार ने बिना किसी पूर्व मशवरे या स्टैंडिंग कमेटी की चर्चा के संसद में जबरदस्ती यह बिल पारित किया है। इसे आरटीआई (RTI) को कमजोर करने के बाद अधिकारों को छीनने की एक सोची-समझी रणनीति बताया गया है। भविष्य में वन अधिकार, भूमि अधिग्रहण और खाद्य सुरक्षा कानून (NFSA) पर भी खतरा जताया गया है। वक्ता ने उल्लेख किया कि पूर्ववर्ती सरकार में मनरेगा 2.0 जैसे बदलाव राज्यों और विशेषज्ञों से विस्तृत चर्चा के बाद ही किए गए थे।
