मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच PM मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ बड़ी बैठक; तेल और गैस की सप्लाई पर चर्चा
PM Modi Meeting: पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के बढ़ते खतरे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक उच्च स्तरीय वर्चुअल बैठक की है।
- Written By: मनोज आर्या
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, (सोर्स- सोशल मीडिया)
PM Modi Meeting With Chief Ministers: पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के बढ़ते खतरे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक उच्च स्तरीय वर्चुअल बैठक की है। इस आपातकालीन बैठक का मुख्य उद्देश्य वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत के भीतर तेल, गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थितियां भले ही चुनौतीपूर्ण हों, लेकिन घरेलू स्तर पर आम नागरिक को किसी भी तरह की किल्लत का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्रियों को आगाह किया कि मिडिल ईस्ट का यह संकट लंबी मुसीबतें खड़ी कर सकता है, जिससे निपटने के लिए केंद्र सरकार हर संभव कूटनीतिक और रणनीतिक कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्रियों से पीएम मोदी की अपील
हालांकि, इन योजनाओं की जमीनी सफलता पूरी तरह राज्यों के समन्वय पर टिकी है। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों से अपील की है कि वे अपने राज्यों में ऐसी सुदृढ़ व्यवस्था कायम करें जिससे जमाखोरी और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में कृत्रिम बढ़ोतरी पर लगाम कसी जा सके। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि राष्ट्रीय संकट के समय केंद्र और राज्यों को एक परिवार की तरह एकजुट होकर काम करना होगा ताकि देश की अर्थव्यवस्था और जनजीवन पर वैश्विक संकट की आंच न आए।
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यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर रहे हैं। यह संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हमले के साथ शुरू हुआ था। ईरान ने भी खाड़ी के अपने पड़ोसी देशों और इजरायल पर हमले कर जवाबी कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य टीम इंडिया की भावना के साथ प्रयासों में तालमेल सुनिश्चित करना है।
मौजूदा हालात पर क्या बोले PM मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने बीते सोमवार को लोकसभा में कहा था कि पश्चिम एशिया में संघर्ष से पैदा हुए अप्रत्याशित संकट का प्रभाव लंबे समय तक रहने वाला है, जिससे निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तत्पर है। नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और इसके कारण भारत के सामने आई चुनौतियों पर बयान देते हुए यह भी कहा कि इस संकट का सामना देशवासियों को कोरोना संकट की तरह ही करना होगा।
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‘एकजुटता के साथ संकट से लड़ेंगे का वक्त’
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पिछले तीन सप्ताह से अधिक समय से पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के हालात ने भारत के सामने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं जो आर्थिक सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय सुरक्षा से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि भारत की संसद से इस संकट को लेकर एकमत और एकजुट आवाज में संदेश दुनिया में जाए।
