UPSC सिलेक्शन रद्द होने पर पूजा खेडकर ने दिल्ली HC में दिया दलील, कहा- उम्मीदवारी रद्द करने का आदेश अभी तक नहीं मिला
दिल्ली हाईकोर्ट में पूजा खेडकर की ओर से तर्क देते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने कहा कि मामले का असामान्य पहलू यह है कि पूजा खेडकर की उम्मीदवारी रद्द करने वाला आदेश अभी तक उन्हें नहीं दिया गया है। उनके पास सिर्फ एक प्रेस विज्ञप्ति है।
- Written By: शुभम पाठक
पूजा खेडकर (सोर्स:- सोशल मीडिया)
नई दिल्ली: आज कल चर्चा में चल रही बर्खास्त आईएएस पूजा खेडकर ने यूपीएससी के फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जिसको लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। पूजा खेडकर के मामले की सुनवाई जस्टिस ज्योति सिंह की अध्यक्षता वाली बेंच कर रही है। खेडकर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह पेश हुईं।
दिल्ली हाईकोर्ट में पूजा खेडकर की ओर से तर्क देते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने कहा कि मामले का असामान्य पहलू यह है कि पूजा खेडकर की उम्मीदवारी रद्द करने वाला आदेश अभी तक उन्हें नहीं दिया गया है। उनके पास सिर्फ एक प्रेस विज्ञप्ति है। जयसिंह ने तर्क दिया कि प्रेस विज्ञप्ति को रद्द करने की जरूरत है और खेडकर को उचित न्यायाधिकरण से संपर्क करने के लिए आधिकारिक आदेश दिया जाना चाहिए।
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यूपीएससी ने किया था बर्खास्त
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने पूजा खेडकर की प्रोविजनल उम्मीदवारी रद्द कर दी है। इसके अलावा खेडकर को भविष्य में किसी भी परीक्षा में बैठने से रोक दिया गया था। यूपीएससी के इसी आदेश को लेकर पूजा खेडकर ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
इसके साथ ही यूपीएससी ने इस संबंध में पूजा खेडकर को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। जिसमें नोटिस में पूछा गया था कि क्यों न पूजा खेडकर की सिविल सेवा परीक्षा-2022 के लिए उम्मीदवारी रद्द कर दी जाए। यूपीएससी ने दिल्ली पुलिस से शिकायत की थी कि पूजा खेडकर ने अपना नाम अपने माता-पिता का नाम, अपनी फोटो, हस्ताक्षर, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और पता बदलकर फर्जी पहचान पत्र बनवाए हैं।
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जानें क्या है पूजा खेडकर पर आरोप
चलिए अब आपको बताते है कि आखिर पूजा खेडकर पर आरोप क्या लगे है। पूजा खेडकर पर आरोप है कि उन्होंने बतौर ट्रेनी आईएएस अधिकारी ऐसी सुविधाएं मांगीं, जिनकी वो हकदार नहीं थीं। इसके अलावा उन पर एक वरिष्ठ अधिकारी के चैंबर पर कब्जा करने का भी आरोप है। इसके साथ ही खेडकर पर अपने पद का दुरुपयोग करने का भी आरोप है। बताया जाता है कि पूजा खेडकर ने अपनी निजी ऑडी कार में लाल बत्ती और महाराष्ट्र सरकार की प्लेट लगाई थी। बता दें कि पूजा खेडकर इस निजी कार में वाशिम की सड़कों पर घूमती नजर आई।
