असदुद्दीन ओवैसी ने हज कमेटी के अधिकारियों पर लगाया रिश्वत लेने का आरोप, CBI जांच की उठाई मांग

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हज कमेटी के सीईओ की बहाली को लेकर सवाल खडे़ करते हुए कहा कि हज कमेटी के सीईओ की बहाली के लिए 3 नवंबर 2023 को विज्ञापन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद सीईओ को किसी भी पद पर बहाल नहीं किया जा सका।
Asaduddin Owaisi
असदुद्दीन ओवैसी (सोर्स:- सोशल मीडिया)
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नई दिल्ली: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में अपने भाषण के दौरान हज के अधिकारियों पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही ओवैसी ने हज कमेटी के अधिकारियों को लेकर सीबीआई जांच की मांग भी उठाई है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में कहा कि हज कमेटी में अपने पद का फायदा उठाते है, हज कमेटी में गंभीर सांठगांठ चल रही है और इसके कर्मचारियों की जांच के लिए सीबीआई जांच होनी चाहिए।

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हज कमेटी के सीईओ की बहाली को लेकर सवाल खडे़ करते हुए कहा कि हज कमेटी के सीईओ की बहाली के लिए 3 नवंबर 2023 को विज्ञापन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद सीईओ को किसी भी पद पर बहाल नहीं किया जा सका, जिसके कारण अधिकारियों के भ्रष्टाचार बढ़ते जा रहे है।

ओवैसी का आरोप

लोकसभा में मानसून सत्र के दौरान हज कमेटी को लेकर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हज यात्रियों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए यह जांच जरूरी है।

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "हज कमेटी के सीईओ की बहाली के लिए 3 नवंबर 2023 को विज्ञापन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद सीईओ को किसी भी पद पर बहाल नहीं किया जा सका, जिसके कारण अधिकारियों के भ्रष्टाचार बढ़ गए है।

सीबीआई जांच की उठाई मांग

इसके साथ ही एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हज कमेटी के अधिकारियों पर सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि मैं सरकार से मांग करता हूं कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई जांच कराई जाए ताकि निजी टूर ऑपरेटरों को भ्रष्टाचार से बचाया जा सके। इसके साथ ही ओवैसी ने कहा कि ये अधिकारी हज पर जाने वाले लोग थे। उनके लिए घटिया व्यवस्था की गई है। 1-1 लाख रुपए रिश्वत ली जाती है। स्थायी सीईओ की कमी के कारण हज समिति के अधिकारी हज यात्रियों से पैसे लेते हैं, जिसका प्रावधान नहीं है।

जानें क्या है हज यात्रा

चलिए अब आपको बताते है आखिर हज है क्या? हज एक अरबी शब्द है, जिसका मतलब होता है किसी जगह जाने के इरादे से निकलना। दुनिया भर से मुसलमान हज के लिए सऊदी अरब जाते हैं, जहां वे काबा की परिक्रमा करते हैं। हज पर जाने के लिए कई नियमों का पालन करना होता है और न्यूनतम आयु 12 वर्ष होनी चाहिए।

जानकारी के लिए बता दें कि हज पर जाने के लिए हज कमेटी में आवेदन करना होता है। इसके लिए पासपोर्ट साइज फोटो, कोरोना महामारी के बाद से वैक्सीन सर्टिफिकेट, आधार कार्ड और पासपोर्ट की जरूरत होती है। हज कमेटी पहली बार तीर्थ यात्रा पर जाने वालों को प्राथमिकता देती है, साथ ही बुजुर्ग, दिव्यांग और महिलाओं को भी प्राथमिकता मिलती है। हज यात्रा पर करीब तीन से चार लाख भारतीय रुपये खर्च होते हैं।

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