वोट चोरी और SIR पर कांग्रेस की नई चाल (फोटो- सोशल मीडिया)
Mallikarjun Kharge Challenge ECI: देश की राजनीति में एक बार फिर उबाल आ गया है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोलते हुए उस पर भारतीय जनता पार्टी के साये में काम करने का गंभीर आरोप लगाया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया को सीधे तौर पर ‘वोट चोरी’ का हथियार करार दिया है। इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई के लिए पार्टी ने दिसंबर के पहले हफ्ते में दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल रैली करने का ऐलान किया है।
मंगलवार को कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में एक बेहद अहम बैठक हुई, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव के सी वेणुगोपाल समेत 12 राज्यों के बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया। इस बैठक का मुख्य एजेंडा एसआईआर प्रक्रिया की समीक्षा करना था। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आयोग का आचरण इस दौरान बेहद निराशाजनक रहा है। खरगे ने साफ शब्दों में कहा कि आयोग को तुरंत यह साबित करना होगा कि वह किसी सत्ताधारी दल के लिए नहीं, बल्कि देश के संविधान और जनता के प्रति अपनी शपथ का पालन कर रहा है।
बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मल्लिकार्जुन खरगे ने लिखा कि भाजपा एसआईआर प्रक्रिया को वोट चोरी के लिए हथियार बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर चुनाव आयोग इस पर ध्यान नहीं देता है, तो उसकी चुप्पी को मिलीभगत माना जाएगा। कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं, बीएलओ और जिला अध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे निरंतर सतर्क रहें। पार्टी असली मतदाताओं को लिस्ट से हटाने या फर्जी नाम जोड़ने की किसी भी साजिश का पर्दाफाश करेगी। खरगे ने जोर देकर कहा कि वे पक्षपातपूर्ण दुरुपयोग से लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर नहीं होने देंगे।
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हाल ही में बिहार चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर ज्यादा सतर्क हो गई है। चुनाव आयोग के मुताबिक, एसआईआर का दूसरा चरण 4 नवंबर से शुरू होकर 4 दिसंबर तक चलेगा। इसमें 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 51 करोड़ मतदाताओं में से 50 करोड़ से ज्यादा लोगों को फॉर्म मिल चुके हैं। इन राज्यों में मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्य शामिल हैं। असम में भी विशेष पुनरीक्षण की घोषणा हुई है। कांग्रेस का मानना है कि जनता का भरोसा संस्थाओं पर कम हो रहा है, जिसे बचाना अब प्राथमिकता है।