

Bihar Election Result Violence in MP: बिहार में विधानसभा चुनाव भले ही शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गए हों और नतीजे भी आ गए हों, लेकिन इसकी तपिश एक हजार किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश तक महसूस की गई। गुना जिले में चुनावी हार-जीत की बहस ने ऐसा भयानक रूप लिया कि रिश्तों का खून हो गया। यहां राजनीति और विचारधारा की लड़ाई में दो मामाओं ने मिलकर अपने ही सगे भांजे को मौत के घाट उतार दिया। वजह सिर्फ इतनी थी कि भांजे को अपने नेता तेजस्वी यादव के खिलाफ एक भी शब्द सुनना गवारा नहीं था।
यह दिल दहला देने वाली घटना गुना के कैंट थाना इलाके की है। पुलिस को खबर मिली थी कि पुलिस लाइन में बन रहे क्वॉर्टर के पास एक मजदूर की लाश पड़ी है। मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक की पहचान बिहार निवासी शंकर मांझी के रूप में की। जांच में पता चला कि वह रात में अपने दो परिचितों के साथ पार्टी कर रहा था, तभी विवाद हुआ और उसे बेरहमी से पीटा गया। पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों राजेश मांझी और तूफानी मांझी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। ये दोनों रिश्ते में मृतक शंकर के मामा लगते हैं और सभी बिहार के शिवहर जिले के रहने वाले हैं। वे यहां मजदूरी करने आए थे। आरोपियों ने बताया कि खाने-पीने के बाद शराब के नशे में चुनाव पर चर्चा होने लगी। राजेश और तूफानी जेडीयू के समर्थक हैं, जबकि भांजा शंकर आरजेडी और तेजस्वी यादव का समर्थक था। मामाओं ने तेजस्वी के बारे में कुछ टिप्पणी कर दी जिसे शंकर बर्दाश्त नहीं कर सका और उसने अपशब्द कह दिए।
बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों मामाओं ने मिलकर भांजे को पीटना शुरू कर दिया। उनका गुस्सा यहीं शांत नहीं हुआ, उन्होंने शंकर का मुंह जमीन पर मौजूद कीचड़ में जोर से दबा दिया। मुंह और नाक में पानी-कीचड़ भरने से शंकर का दम घुट गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, यह हत्या पूरी तरह से राजनीतिक विचारधारा के टकराव और नशे की हालत में की गई। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है और मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है।