
(कांसेप्ट फोटो सौ. सोशल मीडिया)
नई दिल्ली : आने वाला साल महाकुंभ का आगाज लेकर आ रहा है जिसकी तैयारियां हो गई है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अगले वर्ष जनवरी में होने वाले महाकुम्भ में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को इलाहाबाद संग्रहालय अशोक स्तंभ और स्तंभ पर लिखी सम्राट समुद्रगुप्त की प्रयाग प्रशस्ति से परिचित कराने जा रहा है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। इलाहाबाद संग्रहालय के डिप्टी क्यूरेटर डॉ. राजेश मिश्र ने बताया कि संग्रहालय ने महाकुम्भ के दौरान आगंतुकों के लिए अशोक स्तंभ की छोटी प्रतिकृति को स्मृति चिह्न के रूप बनाने का फैसला किया है।
जिससे श्रद्धालुओं को सुखद अनुभव प्राप्त हो। साथ ही उन्होंने बताया है कि पुलिस के प्रशिक्षण मॉड्यूल में व्यवहार पर खास ध्यान दिया जा रहा है। जिसमें मेला क्षेत्र में बनी पुलिस लाइन में पुलिसकर्मियों को इसका प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा इसमें प्रशिक्षण देने के लिए बाहरी संस्थाओं को भी आमंत्रित किया जा रहा है।
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इससे पुलिसकर्मी केवल पुलिसिंग ना करके, श्रद्धालुओं की श्रद्धा भाव से सेवा भी कर सकेंगे। और अभी तक 1500 पुलिसकर्मियों का प्रशिक्षण भी पूरा हो चुका है। मेले में कुल 40,000 पुलिसकर्मी भी तैनात होंगे। और जिनमें ज्यादातर को प्रशिक्षित कर लिया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस लाइन में प्रशिक्षण का काम देख रहे । अतुल कुमार सिंह ने कहा है कि एक साथ 700 पुलिसकर्मियों को 21 दिन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। और मेला नजदीक आने के साथ प्रशिक्षण अवधि घटकर 14 दिन की ही रह जाएगी।
बता दें कि मेले में आस्था का सम्मान करते हुए कहीं भी मांसाहार और मदिरा पान आदि पर रोक के संबंध में द्विवेदी ने कहा है कि मेला बसने और थाने चालू होने के साथ हम ये सुनिश्चित करेंगे कि ऐसा कार्य ना हो जिससे आम श्रद्धालुओं की भावना को ठेस पहुंचे। जिससे उन्होंने साफ किया कि पुलिस में जो खाना बनता है। वो पूरी तरह से शाकाहारी होता है। और उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों को सख्त निर्देश है कि मेला क्षेत्र में कहीं भी ऐसा कार्य ना हो।
प्रशिक्षण के साथ साइबर अपराध खास कर पवन कुमार ने पुलिसकर्मियों को सचेत करते हुए कहा है कि आप ड्यूटी के बाद किसी तरह का ऐसा कार्य ना करें। जिसे कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल में वीडियो बनाकर आपको ब्लैकमेल करे। कुंभ द्विवेदी ने कहा है कि श्रद्धालुओं को भाषा के स्तर पर कोई कठिनाई ना हो, इसके लिए पुलिस (ट्रांसलेटर) अपने साथ रखेगी। और दूसरे राज्यों से आने वाले पुलिस बल, श्रद्धालुओं की भाषा समझने में मदद करेंगे।
विश्व में आई नई प्रौद्योगिकियों का इस महाकुंभ में पहली बार उपयोग होने जा रहा है। जिससे पुलिसकर्मियों को सुरक्षा की दृष्टि से काफी कुछ सीखने को मिलेगा। और कुंभ द्विवेदी ने बताया कि मेला प्रशासन द्वारा महाकुंभ 2025 में पहली बार एआई जेनरेटिव चैटबॉट ‘कुंभ सहायक’ विकसित किया जा रहा है। जो भाषिनी ऐप की सहायता से 10 से अधिक भाषाओं में श्रद्धालुओं को महाकुंभ से जुड़ी सभी जानकारियां उपलब्ध कराएगा।






