केंद्रीय मंत्री के बेटे को POCSO केस में बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने दी सशर्त जमानत
POCSO Case: तेलंगाना हाई कोर्ट ने केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे बंडी भागीरथ को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने POCSO से जुड़े एक मामले में भागीरथ को सशर्त नियमित जमानत दे दी।
- Written By: दिव्या सिंह
केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार और उनके बेटे बंडी भागीरथ (सोर्स- सोशल मीडिया)
Union Minister Son Granted Conditional Bail: तेलंगाना हाई कोर्ट ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे बंडी भागीरथ को POCSO (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज) एक्ट से जुड़े मामले में सशर्त नियमित जमानत दे दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अदालत ने उन्हें 1 लाख रुपये के निजी मुचलके, दो ज़मानतदार और अन्य निर्धारित शर्तों के पालन के निर्देश के साथ राहत प्रदान की है। यह आदेश मामले की सुनवाई जारी रहने के दौरान दिया गया।
क्या है पूरा मामला?
बंडी भागीरथ के खिलाफ तेलंगाना के पेटबशीरबाद पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के आधार पर कार्रवाई की गई थी। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 और 75 के तहत महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और यौन उत्पीड़न से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा POCSO एक्ट की धारा 11 और 12 के तहत भी मामला दर्ज है।
पीड़िता की मां ने लगाए गंभीर आरोप
17 वर्षीय किशोरी की मां द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया कि बंडी भागीरथ ने शादी का झूठा वादा कर उनकी बेटी से संबंध बनाए। शिकायत के अनुसार, अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच आरोपी ने कथित तौर पर अनुचित शारीरिक हरकतें कीं और नाबालिग को शराब पीने के लिए मजबूर किया। FIR में यह भी दावा किया गया कि 7 जनवरी को रिश्ता खत्म होने के बाद लड़की ने उसी महीने दो बार आत्महत्या का प्रयास किया। पीड़िता का बयान दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले में BNS और POCSO एक्ट की गंभीर धाराएं भी जोड़ दीं।
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आरोपी ने भी दर्ज कराई थी शिकायत
बंडी भागीरथ ने इन आरोपों से इनकार करते हुए करीमनगर-II टाउन पुलिस स्टेशन में एक जवाबी शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़िता और उसका परिवार उन पर शादी का दबाव बना रहा था। प्रस्ताव ठुकराने के बाद परिवार ने कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये की मांग की और भुगतान न करने पर झूठे मामले में फंसाने तथा आत्महत्या की धमकी देने की बात कही। उनकी शिकायत के आधार पर भी पुलिस ने अलग FIR दर्ज की थी।
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पहले मिली थी अंतरिम जमानत
इससे पहले 20 जून को हैदराबाद के मलकाजगिरी स्थित विशेष POCSO कोर्ट ने बंडी भागीरथ को अंतिम परीक्षा में शामिल होने के लिए 7 दिन की अंतरिम जमानत दी थी। अब तेलंगाना हाई कोर्ट ने उन्हें नियमित जमानत प्रदान कर दी है। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया फिलहाल जारी है।
