नई दिल्ली: चीन में कोरोना का बाद अब माइकोप्लाज्मा निमोनिया (Pneumonia ) और इन्फ्लूएंजा फ्लू (Influenza) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यह रोग ज्यादातर बच्चों को अपना शिकार बना रहा है। इस मामले पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी चिंता जाहिर की है और ड्रैगन से इस बारें में संबंधित जानकारी मांगी है। चीन में फैलते बीमारी को देखते हुए भारत सरकार (Government of India) अलर्ट मोड पर है और राज्यों को सार्वजनिक स्वास्थ्य और अस्पताल तैयारी उपायों की तुरंत समीक्षा करने की सलाह दी है।
केंद्र ने सभी राज्यों को दिए निर्देश
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार की ओर से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर अस्पताल की तैयारियों की समीक्षा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने भी कहा है कि स्वास्थ्य मंत्रालय चीन में बच्चों में फैली सांस की बीमारी के मामलों में वृद्धि पर करीब से नजर रख रहा है।
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.@MoHFW_INDIA decides to proactively review preparedness measures against respiratory illnesses in view of emerging public health situation in ChinaAdvises States/UTs to immediately review public health and hospital preparedness measuresAll States/UTs to implement…
इससे पहले सरकार ने 24 नवंबर को कहा था कि देश चीन में ‘इन्फ्लूएंजा’ की स्थिति से उत्पन्न होने वाली किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है और उस देश में बच्चों में एच9एन2 के प्रकोप तथा श्वसन संबंधी बीमारी की स्थिति पर नजर रख रहा हे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि चीन में एवियन इन्फ्लूएंजा, एच9एन2, के साथ-साथ श्वसन संबंधी बीमारी के मामले सामने आने से भारत को खतरा कम है।
भारत में इस बीमारी का कोई मामला नहीं
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी कहा है कि अभी तक इस तरह की चेतावनी का कोई मामला सामने नहीं है। उधर, चीन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को सूचित किया है कि कोई नया रोगाणु नहीं पाया गया है।
सभी देशों ने जताई चिंता
बच्चों में माइकोप्लाज्मा निमोनिया और इन्फ्लूएंजा फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच विश्व स्तर पर सभी देशों ने चिंता जाहिर की है। इस बीच, चीन ने दावा किया है कि मौसमी बीमारी के अलावा इसका कारण कोई असामान्य या नया रोगाणु नहीं पाया गया है।
चीन में उत्तरी हिस्से के स्कूल बंद
जानकारी के लिए बता दें कि इस बीमारी के बढ़ते मामलों के बीच चीन ने उत्तरी हिस्से में स्कूलों को बंद रखा है। चीन के स्वास्थ्य आयोग ने कहा कि रोगाणुओं का संयोजन तीव्र श्वसन संक्रमण में वृद्धि का कारण बन रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के प्रवक्ता मी फेंग ने कहा कि राइनोवायरस, माइकोप्लाज्मा निमोनिया और रेस्पिरेटरी सिंकाइटियल वायरस भी फैल रहे हैं।
डबल्यूएचओ ने दी थी जानकारी
उल्लेखनीय है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाल ही में जानकारी साझा कि थी कि से चीन के उत्तरी भागों में श्वसन संबंधी बीमारी में वृद्धि का संकेत मिला है। मुख्य रूप से इन्फ्लूएंजा, माइकोप्लाज्मा निमोनिया, सार्स-कोव-2 आदि के सामान्य कारणों को इसके लिए जिम्मेदार बताया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, सर्दी के मौसम की शुरुआत के साथ-साथ माइकोप्लाज्मा निमोनिया जैसी श्वसन संबंधी बीमारियों के प्रसार के साथ-साथ कोविड-19 प्रतिबंधों को हटाया जाना भी इसमें वृद्धि का कारण बना।
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