पीएम मोदी और यूएई राष्ट्रपति की ‘पॉवर समिट’, 3 घंटे के दौरे में 5 बड़े समझौते; 7 ऐतिहासिक ऐलान
UAE India Relations: यूएई के राष्ट्रपति की संक्षिप्त लेकिन 'बेहद ठोस' भारत यात्रा के दौरान रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा और निवेश जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ऐतिहासिक समझौते हुए।
- Written By: अमन उपाध्याय
यूएई के राष्ट्रपति और पीएम मोदी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
PM Modi UAE President Meeting News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान के बीच 19 जनवरी 2026 को दिल्ली में एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता हुई। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इस यात्रा को ‘छोटा लेकिन बेहद ठोस’ दौरा करार दिया है जिसमें रणनीतिक रक्षा साझेदारी, अंतरिक्ष बुनियादी ढांचे और ऊर्जा सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग के लिए अहम दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए।
रणनीतिक रक्षा और अंतरिक्ष साझेदारी
दोनों देशों ने सामरिक रक्षा साझेदारी के लिए एक फ्रेमवर्क समझौते पर काम करने के लिए ‘आशय पत्र’ पर हस्ताक्षर किए हैं। अंतरिक्ष क्षेत्र में भी एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है जिसके तहत दो लॉन्च सुविधा और सैटेलाइट निर्माण के लिए संयुक्त पहल की जाएगी।
ऊर्जा सुरक्षा
भारत का दूसरा सबसे बड़ा LNG आपूर्तिकर्ता ऊर्जा के क्षेत्र में यूएई अब भारत का एक प्रमुख साझेदार बन गया है। समझौते के अनुसार, यूएई भारत को हर साल 0.5 मिलियन मेट्रिक टन एलएनजी की आपूर्ति करेगा जिससे वह भारत का दूसरा सबसे बड़ा एलएनजी आपूर्तिकर्ता बन गया है। इसके अलावा, दोनों देशों ने नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भी साझेदारी की संभावनाओं को तलाशने का फैसला किया है।
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आर्थिक निवेश और टेक्नोलॉजी
यूएई गुजरात के धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र के विकास में सक्रिय भागीदारी करेगा। इसके साथ ही भारत में डेटा सेंटरों की क्षमता बढ़ाने और सुपर कंप्यूटिंग क्लस्टर स्थापित करने के लिए यूएई की ओर से बड़े पैमाने पर निवेश किया जाएगा। दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को आपसी सहयोग का प्रमुख क्षेत्र माना है और ‘डेटा एंबेसी’ की स्थापना की संभावनाओं पर भी मिलकर काम किया जा रहा है।
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इसके अलावा, फूड सिक्योरिटी और भारतीय किसान खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में हुए MoU से भारतीय किसानों को सीधा लाभ मिलेगा जिससे उनकी आय बढ़ेगी और यूएई की खाद्य सुरक्षा भी मजबूत होगी।
सांस्कृतिक विरासत और क्षेत्रीय शांति
यूएई में रहने वाले 4.5 मिलियन भारतीयों के सम्मान में अबू धाबी में ‘हाउस ऑफ इंडिया’ स्थापित किया जाएगा जो दोनों देशों की साझा विरासत का प्रतीक होगा। वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने सीमा पार आतंकवाद की कड़ी निंदा की और पश्चिम एशिया में शांति व स्थिरता का समर्थन किया।
