विपक्ष ने महिलाओं को हराया, अंजाम भुगतना होगा…कैबिनेट बैठक में बोले PM मोदी, महिला आरक्षण पर दिया नया टास्क
Women Reservation Bill: कैबिनेट बैठक में पीएम मोदी का विपक्ष पर बड़ा हमला; महिला आरक्षण बिल का विरोध करना बताया 'बड़ी राजनीतिक भूल'। मंत्रियों को दिया गांव-गांव जाकर विपक्ष की पोल खोलने का नया टास्क।
- Written By: अर्पित शुक्ला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, (सोर्स- सोशल मीडिया)
PM Modi on Women Reservation Bill: महिला आरक्षण विधेयक को लेकर संसद में जारी सियासी टकराव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट बैठक में विपक्ष पर कड़ा हमला बोला। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि इस विधेयक का समर्थन न करना विपक्ष की “बड़ी राजनीतिक गलती” है और इसके परिणाम उन्हें भविष्य में भुगतने होंगे।
बताया जा रहा है कि संसद भवन में हुई बैठक में प्रधानमंत्री ने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के लोकसभा में पास न हो पाने पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को इस फैसले पर “लंबे समय तक पछताना पड़ेगा” और आने वाले समय में इसकी कीमत चुकानी होगी।
पार्टी नेताओं को दिया नया टास्क
बैठक में प्रधानमंत्री ने मंत्रियों और पार्टी नेताओं को एक नया राजनीतिक टास्क भी दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह संदेश देश के हर गांव तक पहुंचाया जाए कि विपक्ष की सोच महिलाओं के प्रति नकारात्मक है। उनके अनुसार, यह मुद्दा केवल संसद तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे व्यापक जन-आंदोलन का रूप दिया जाना चाहिए।
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सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि विपक्ष अब अपने रुख को सही ठहराने के लिए अलग-अलग तर्क दे रहा है, लेकिन जनता सब समझ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला सशक्तिकरण जैसे अहम मुद्दे पर विपक्ष का रवैया उसकी वास्तविक सोच को उजागर करता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल एक राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के अधिकारों से जुड़ा मामला है और इस पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
लोकसभा में गिरा बिल
गौरतलब है कि महिला आरक्षण से जुड़ा यह विधेयक लोक सभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका, जिसके बाद से सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। सरकार का कहना है कि यह संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम था।
विपक्ष ने क्या कहा?
वहीं विपक्ष का कहना है कि वह महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसे परिसीमन और जनगणना से जोड़ने का विरोध करता है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इस विधेयक के जरिए चुनावी समीकरणों में बदलाव करना चाहती थी।
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कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के सख्त रुख से संकेत मिलते हैं कि आने वाले समय में महिला आरक्षण का मुद्दा राजनीतिक और जनसंपर्क दोनों स्तरों पर जोर-शोर से उठाया जाएगा। यह विवाद अब संसद से निकलकर देशभर में एक बड़े राजनीतिक मुद्दे के रूप में उभरता नजर आ रहा है।
