प्रज्ञा के बरी होते ही भड़के ओवैसी, कहा- दुनिया याद रखेगी आतंकवाद पर मोदी...

Asaduddin Owaisi Malegaon Blast Case: AIMIM सांसद ओवैसी ने मालेगांव ब्लास्ट केस में कोर्ट के फैसले पर सवाल उठया है। उन्होंने मोदी सरकार को घेरते हुए कहा दुनिया याद रखेगी आतंकवाद पर इनका स्टैंड।
प्रज्ञा के बरी होते ही भड़के ओवैसी, कहा- दुनिया याद रखेगी आतंकवाद पर मोदी...
असदुद्दीन ओवैसी (फोटो-सोशल मीडिया)
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Malegaon Blast Case: AIMIM प्रमुख व सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मालेगांव बम ब्लास्ट केस में NIA कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि 2008 मालेगांव बम विस्फोट में 6 नामाजी मारे गए और करीब 100 लोग घायल हुए थे। ओवैसी ने कहा कि जानबूझकर उनके धर्म के कारण उन्हें निशाना बनाया गया। जानबूझकर घटिया जांच की गई। अभियोजन पक्ष ही बरी होने के लिए जिम्मेदार है।

29 सिंतबर 2008 को हुए मालेगांव बम ब्लास्ट केस में NIA कोर्ट ने 17 साल बाद गुरुवार को अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। मामले की सुनवाई जज एके लोहाटी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी आरोप साबित नहीं कर पाई, इसलिए आरोपियों को संदेह का लाभ मिलना चाहिए।

NIA कोर्ट के फैसले पर सांसद असदुद्दीन समेत तमाम विपक्षी दलों ने सवाल उठाया है। वहीं सत्ता पक्ष के लोगों ने कोर्ट के फैसले का स्वागात किया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कोर्ट के फैसले पर कहा कि आतंकवाद भगवा ना कभी था, ना है, ना कभी रहेगा। इस केस में बरी होने वाले आरोपियों में पूर्व भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, कर्नल प्रसाद पुरोहित, रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर चतुर्वेदी, समीर कुलकर्णी और सुधाकर धर द्विवेदी शामिल थे।

ओवैसी ने क्या कहा?

सांसद असदुद्दीन ओवैसी सोशल मीडिया एक्स पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट कर आरोपियों के बरी होने पर आपत्ति जाहिर की। उन्होंने कहा कि 17 साल बाद कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया। हम देखेंगे कि क्या मोदी और फडणवीस सरकार इस फैसले के खिलाफ अदालत में अपील करेंगी। जिस तरह से मुंबई ट्रेन बम ब्लास्ट में आरोपियों को कोर्ट द्वारा बरी करने के बाद सरकार ने आरोपियों को बरी करने पर रोक लगाने की मांग की थी। क्या महाराष्ट्र में धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दल जवाबदेही की मांग करेंगे? उन्होंने पूछा फिर 6 लोगों की हत्या किसने की।

NIA प्रज्ञा को बरी करवाने की कोशिश की

सोशल मीडिया ओवैसी ने लिखा कि 2016 में तत्कालीन अभियोजक रोहिणी सालियान ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि NIA ने उनसे आरोपियों के प्रति नरम रुख अपने के निर्देश दिए थे। याद कीजिए 2017 में NIA ने साध्वी प्रज्ञा को बरी करवाने की कोशिश की। वहीं बाद में भाजपा के टिकट पर सांसद बनीं।

दुनिया याद रखेगी मोदी सरकार का स्टैंड

AIMIM सांसद ने पूछा कि क्या NIA/ATS के अधिकारियों को उनकी त्रुटिपूर्ण जांच के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने मोदी सरकार और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आतंकवाद पर दुनिया इस स्टैंड को याद रखेगी। भाजपा ने एक आतंकवाद के आरोपी को सांसद बनाया।

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