‘…मुंह से निवाला छीन लिया’, कराची पोर्ट तबाह करने को तैयार थी नौसेना, ऑपरेशन सिंदूर पर बड़ा खुलासा
Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर में थलसेना और वायुसेना को तो अपनी ताकत दिखाने का मौका मिला। लेकिन नौसेना इससे वंचित रह गई। जबकि वह कराची बंदरगाह को ब्रह्मोस मिसाइल से तहस-नहस करने के लिए तैयार थी।
- Written By: अभिषेक सिंह
कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन)
Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम की घोषणा के बाद से विपक्षी दल भले ही ‘दबाव’ का सवाल उठा रहे हों, लेकिन सच्चाई यह है कि उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के एक शीर्ष अधिकारी से कुछ कहा भी था। यह एक तरह की सांत्वना थी या यूं कहें कि उस अवसर को न मिलने का अफ़सोस था, जिसके लिए सैनिक हमेशा तैयार रहते हैं।
आपको बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर में थलसेना और वायुसेना को तो अपनी ताकत दिखाने का मौका मिला। हालांकि नौसेना की कार्रवाई देखने को नहीं मिली। जबकि सच्चाई यह है कि भारतीय नौसेना कराची बंदरगाह को ब्रह्मोस मिसाइल से तहस-नहस करने के लिए तैयार थी। यही वजह है कि जब युद्धविराम हुआ, तो प्रधानमंत्री ने नौसेना प्रमुख से कहा था- हमने आपके मुंह का निवाला छीन लिया है, लेकिन आपको फिर मौका मिलेगा।
पूरी तरह तैयार थी भारतीय सेनाएं
इंडियन आर्मी की तैयारी के स्तर का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कराची पर हमले के बाद अगर पाकिस्तान जवाबी कार्रवाई करता है, तो देश उससे निपटने के लिए तैयार था। यह भी आशंका जताई जा रही थी कि कराची पर हमले से बौखलाया पाकिस्तान प्रधानमंत्री के गृह राज्य गुजरात पर मिसाइल हमला कर सकता है। फिर भी, प्रधानमंत्री ने तीनों सेना प्रमुखों को खुली छूट दे रखी थी।
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एक अंग्रेजी अखबार रिपोर्ट के मुताबिक, ACM अमर प्रीत सिंह, जनरल उपेंद्र द्विवेदी और एडमिरल दिनेश त्रिपाठी को सभी जानते हैं कि ये गैर-राजनीतिक हैं। यही वजह है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में राजनीतिक नेतृत्व के सामने अपनी बात रखने से नहीं हिचकिचाते। एसीएम सिंह एक बहादुर लड़ाकू पायलट हैं। उन्हें इस बात की परवाह नहीं है कि उनका साहसिक रवैया राजनीतिक नेतृत्व को खुश करेगा या नाराज़।
…तो 10 मई को तबाह हो जाता कराची!
जनरल द्विवेदी अपने सैनिकों के साथ सबसे सहज महसूस करते हैं। एडमिरल त्रिपाठी बेहद निडर व्यक्ति हैं। उन्हें अपनी नौसेना की मारक क्षमता पर पूरा भरोसा है और 10 मई की सुबह कराची बंदरगाह को तबाह करने के लिए तैयार थे लेकिन उससे पहले ही पाकिस्तानी डीजीएमओ ने शांति की अपील कर दी।
‘हमने आपके मुंह से निवाला छीन लिया’
पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोभाल और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान की राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने राष्ट्रीय सुरक्षा के विषय पर पूरी रणनीति तैयार की थी। कार्रवाई के बाद, भारतीय सशस्त्र बलों की प्रतिक्रिया की प्रशंसा करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने जनरल द्विवेदी और एसीएम सिंह को बधाई दी। इसके बाद, उन्होंने एडमिरल त्रिपाठी की ओर देखते हुए कहा, ‘हमने आपके मुंह से निवाला छीन लिया।’
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7-10 मई के संघर्ष के दौरान, वायुसेना प्रमुख ने कुछ घंटे पहले जो बातें बताई हैं, वे ठोस सबूतों पर आधारित हैं। हालांकि, पाकिस्तान का कमांड नेटवर्क, F-16 विमान और कई चौकियां खंडहर हो चुकी हैं। बस इतना समझ लीजिए कि भारतीय सेना के गोले और घातक ड्रोन का ख़ौफ इतना ज़्यादा था कि पाकिस्तानी सैनिक नियंत्रण रेखा के पास अपनी चौकियां छोड़कर भाग गए थे।
