भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाकर पाकिस्तान को दिया करारा जवाब, सेना को मिली स्वतंत्र आजादी रंग लाई

Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर देश के प्रतिनिधियों और सेना प्रमुखों द्वारा चलाया गया ऐसा कदम था, जिसने पलटवार का सारा इतिहास बदल कर रख दिया। आज वाकई देश को ऐसे अदम्य निर्णय लेने की बहुत जरूरत है।
operation sindoor is the biggest answer of pahalgawn attack
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी
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Operation Sindoor Best Revenge Of India Against Pakistan: 'ऑपरेशन सिंदूर' एक ऐसा पलटवार जिसने बहुत समय बाद पाकिस्तान के आतंकी हमलों के खिलाफ करारा जवाब दिया। ऐसा मानना है भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का।

उन्होंने आईआईटी मद्रास में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान जिस तरीके से हर समय भारत को अपना आतंकी निशाना बनाता आया था ऐसे दौर में देश के प्रशासन और सेना की तरफ से ऑपरेशन सिंदूर से भरा साहसिक जवाब सचमुच प्रशंसनीय है।

इसकी जितनी तारीफ की जाए कम है। और यह सबकुछ संभव हो पाया जब देश की सरकार ने भारतीय सेना को पाकिस्तान के खिलाफ पलटवार हमला रणनीति बनाने की पूरी आजादी दी।

ऐसे समय में सरकार द्वारा दी गई यह स्वतंत्रता हमारे लिए सबसे बड़ा कारगार शस्त्र साबित हुआ, जिससे विश्व स्तर पर देश अपने साहसिक निर्णय के लिए जाना गया।

युद्ध के दौरान सोशल मीडिया सबसे बड़ा सहारा

इनका मानना है कि दुश्मन देश की रणनीति को तोड़ने के लिए हमने शतरंज की चाल चली। सच कहा जाए तो उस दौरान हमें खुद नहीं पता था कि अगला कदम किसके पक्ष या विपक्ष में जाना है।

बस हम रास्तों पर चलते चले गए और कारवां बनता चला गया। दरअसल, पाकिस्तान ने अपनी जनता के बीच दोनों देशों के युद्ध में खुद की जीत का ऐलान कर दिया था।

मुस्लिम बहुल के युवा, वहां के बुर्जुग सब ये मानने भी लगे थे कि दोनों देशों के इस खौफनाक विवाद में जीत उनके देश की ही हुई है। भारत हमेशा से ही लिबरल रहा है। इस समय जनता के बीच सोशल मीडिया और हमारा रिश्ता आगे होने वाले संवाद के लिए कारगर रहा। हम अपने हर छोटे-बड़े कदम की जीत, संवाद सबकुछ सोशल मीडिया के जरिए आमजन तक पहुंचाते रहे। पहलगाम आतंकी हमले के पलटवार में ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान स्थित कई आतंकी ठिकानों को दो से तीन रातों के अंदर धराशायी कर दुनिया से आतंक का खात्मा करने में देश ने अपना कदम तेजी से बढ़ा लिया है।

शह और मात के इस खेल में आतंक का खात्मा हमारा उद्देश्य

शतरंज के खेल में अगला क्या चाल चल जाए हमें पता नहीं होता। और अगले के चाल के अनुसार ही हम अपनी चाल चलते हैं। इस पूरी प्रक्रिया को ग्रे जोन कहते हैं। जिसमें भविष्य किसी के हाथ में नहीं।

अगले पल की चाल, सामने वाले की चाल पर निर्भर करती है। पर यही तो खेल है जिंदगी का भी। ऐसी ही कुछ शह और मात वाली चाल दोनों देशों ने अपने -अपने स्तर पर पूरे युद्ध के दौरान चली। पर दोनों देशों की नीयत में जो सबसे बड़ा अंतर था, उस मानसिक सोच के आगे पड़ोसी मुल्क कहीं नहीं ठहरता।

दरअसल, इस पूरे युद्ध में भारत की सरकार और हम भारतीय सेना सिर्फ एक उद्देश्य के साथ आगे बढ़ते चले गए। आतंक का पूरा खात्मा और देश में अमन चैन की नींव, इसी एक नीयत के अंतर ने भारत को अंतत: ऑपरेशन सिंदूर के रूप में एक बड़ी जीत दिलाई। यह ऑपरेशन, जनता, सरकार और भारतीय सेना की एक बड़ी जीत है और हमेशा रहेगी।

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