प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया
खुफिया इनपुट मिले हैं कि जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के पांच खूंखार आतंकी अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) के रास्ते भारतीय क्षेत्र में दाखिल हो चुके हैं। इस अलर्ट के बाद कठुआ और सांबा जिलों में सुरक्षा का घेरा अभेद्य कर दिया गया है और संदिग्धों की पहचान के लिए सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर चस्पा किए गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद का एक समूह अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर घुसपैठ करने में सफल रहा है। 17 फरवरी 2026 की सुबह से ही कठुआ और सांबा जिलों में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।
इन आतंकियों के बदले हुए स्वरूप को लेकर सुरक्षा बल विशेष रूप से सतर्क हैं। आतंकियों की तस्वीरों वाले पोस्टर सार्वजनिक जगहों पर लगाए गए हैं ताकि स्थानीय लोग उन्हें पहचान सकें। सुरक्षा एजेंसियों ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे किसी भी अजनबी या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
इस पूरे अलर्ट के केंद्र में जैश कमांडर सैफुल्लाह बलोच है। सुरक्षा बलों के पास इनपुट है कि बलोच अपनी पहचान छिपाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। खुफिया इनपुट के मुताबिक, बलोच ने सुरक्षा घेरे से बचने के लिए अपनी दाढ़ी कटवा ली हो सकती है। डोडा पुलिस और अन्य एजेंसियों द्वारा जारी किए गए पोस्टरों में बलोच की दो तस्वीरें दिखाई गई हैं- एक दाढ़ी के साथ और दूसरी बिना दाढ़ी वाली। यह रणनीति इसलिए अपनाई गई है ताकि हुलिया बदलने के बावजूद उसे सार्वजनिक स्थानों पर पहचाना जा सके।
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अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को सामान्य से कई गुना बढ़ा दिया गया है। संवेदनशील इलाकों और सीमावर्ती गांवों में ड्रोन और अन्य हवाई उपकरणों से नजर रखी जा रही है। पैदल गश्त को तेज कर दिया गया है, खासकर उन रास्तों पर जहां से घुसपैठ की संभावना अधिक रहती है। इसके साथ ही सीमावर्ती गांवों में सुरक्षा एजेंसियों ने विशेष सतर्कता बढ़ाई है ताकि आतंकियों को किसी भी प्रकार की स्थानीय मदद न मिल सके और उनके हमले की योजना को समय रहते नाकाम किया जा सके।