‘एक देश एक चुनाव’ : जेपीसी में प्रियंका गांधी समेत ये 4 कांग्रेस सांसद हो सकते हैं शामिल
लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के प्रावधान वाले विधेयक पर विचार करने के लिए गठित होने वाली जेपीसी में कांग्रेस की तरफ से पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा समेत चार सांसद भी शामिल हो सकते हैं।
- Written By: राहुल गोस्वामी
प्रियंका गांधी, फोटो - नवभारत मीडिया गैलरी
नई दिल्ली: लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के प्रावधान वाले विधेयक पर विचार करने के लिए गठित होने वाली संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में कांग्रेस की तरफ से पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा समेत चार सांसद भी शामिल हो सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि पार्टी जेपीसी के लिए लोकसभा से प्रियंका गांधी, मनीष तिवारी और सुखदेव भगत तथा राज्यसभा सदस्य रणदीप सुरजेवाला का नाम भेज सकती है।
जानकारी दें कि, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के प्रावधान वाले ‘संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024′ और उससे जुड़े ‘संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2024′ को निचले सदन में पुर:स्थापित करने के लिए रखा, जिनका विपक्षी दलों ने पुरजोर विरोध किया।
देश की ख़बरों के लिए यहां क्लिक करें
सम्बंधित ख़बरें
पेपर लीक से राम मंदिर विवाद तक… MP कांग्रेस का बड़ा ऐलान, आज से पूरे प्रदेश में ‘गूंज आंदोलन’
Exclusive: हां.. मीनाक्षी नटराजन के केस के बारे में हमें सोर्स ने बताया था, हेमंत खंडेलवाल ने खोले कई राज
वंदे मातरम विवाद: कांग्रेस की दोनों महिला पार्षदों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
भोपाल: सरकारी स्कूलों की बदहाली पर हाईकोर्ट के नोटिस के बाद गरमाई सियासत, उमंग सिंघार ने सरकार पर बोला हमला
वहीं सदन में मत विभाजन के बाद विधेयक को पुर:स्थापित कर दिया गया। विधेयक पेश किए जाने के पक्ष में 263 वोट, जबकि विरोध में 198 वोट पड़े। इसके बाद मेघवाल ने ध्वनिमत से मिली सदन की सहमति के उपरांत ‘संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2024′ को भी पेश किया।
देश की ख़बरों के लिए यहां क्लिक करें
यह पहली बार था कि नए सदन में किसी विधेयक पर इलेक्ट्रॉनिक मत विभाजन हुआ। विधेयक पर विपक्षी दलों के विरोध के बीच, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब मंत्रिमंडल में चर्चा के लिए विधेयक आया था, तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं मंशा जताई थी कि इसे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के विचार के लिए भेजा जाना चाहिए। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने विधेयक पेश किए जाने का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि यह संविधान के मूल ढांचे पर हमला है। उन्होंने यह भी कहा था कि विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा जाना चाहिए। (एजेंसी इनपुट के साथ)
