वीडियो से लिया गया स्नैपशॉट (सोर्स- सोशल मीडिया)
Noida Engineer Death Case: नोएडा में हुए उस खौफनाक हादसे की जांच तेज हो गई है जिसमें इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत हो गई थी। मामले की जांच के लिए बनाई गई SIT यानी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। SIT की विस्तृत जांच रिपोर्ट में 16 जनवरी की रात की पूरी घटना का ब्यौरा दिया गया है।
जांच के मुताबिक, 16 जनवरी को ऑफिस से निकलने के बाद युवराज सबसे पहले गुरुग्राम के सेक्टर 43 में मैनहट्टन बार एंड रेस्ट्रो गए थे। वहां एक ऑफिस पार्टी चल रही थी और उनके दोस्त पहले से ही मौजूद थे। बार का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें युवराज टेबल नंबर 18 पर बैठे शराब पीते दिख रहे हैं।
लगभग तीन घंटे पार्टी करने के बाद युवराज मेहता रात 9:44 बजे बार से निकले। इसके बाद उनकी हर हरकत अलग-अलग CCTV कैमरों में लगातार कैद होती रही। जांच में पता चला कि रात लगभग 11 बजे युवराज की कार दिल्ली से महामाया फ्लाईओवर से परी चौक की तरफ तेजी से जाती हुई दिखी।
चलो मान लेते हैं कि युवराज मेहता ने उस रात गुरुग्राम के बार में अपने दोस्तों के साथ 2 घंटे तक पार्टी की… तो क्या? इससे कोई क्या ही साबित करना चाहता है? ये भी मान लेते हैं कि वो नशे में था और उसने अपनी गाड़ी उस गड्ढे में गिरा दी… उसके बाद 2 घंटे तक प्रशासन क्या कर रहा था?… pic.twitter.com/rvXX7117yR — Versha Singh (@Vershasingh26) January 21, 2026
कुछ मिनट बाद रात 11:08 बजे युवराज की कार सफीपुर चौक से सेक्टर 76 मेट्रो स्टेशन की तरफ जाते हुए कैमरे में कैद हुई। उनकी कार फिर से रात 11:12 बजे सेक्टर 76 मेट्रो स्टेशन के पास देखी गई। इसके बाद रात 11:25 बजे सेक्टर 100 में प्रतीक बिल्डिंग के पास और रात 11:26 बजे सेक्टर 105 में लोटस बुलेवार्ड के पास उसकी लोकेशन मिली।
इसी समय नोएडा के सेक्टर 150 में एक बड़ा हादसा हुआ। घने कोहरे में उनकी कार फिसल गई नाले की बाउंड्री तोड़कर एक निर्माणाधीन कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट के लिए खोदे गए और पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गई। चश्मदीदों के मुताबिक, युवराज लगभग दो घंटे तक मदद के लिए गुहार लगाते रहे।
मौके पर पहुंची पुलिस और बचाव दल उन्हें बचा नहीं पाए। फायर ब्रिगेड, पुलिस, SDRF और NDRF की लंबी कोशिशों के बाद शनिवार को युवराज का शव बरामद किया गया। NDRF ने डूबी हुई कार को खोजने के लिए नावों और गोताखोरों का इस्तेमाल किया। हादसे के तीन दिन बाद मंगलवार शाम को आखिरकार कार को बाहर निकाला गया।
यही वजह है कि युवराज ने पार्टी की थी या नहीं? वह शराब के नशे में गाड़ी चला रहे थे या नहीं? इससे ज्यादा जरूरी सवाल ये है कि जब जानकारी मिलने के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई थी तो समय से पानी में उतरकर युवराज को बचाने जहमत क्यों नहीं उठाई?
दूसरी तरफ इस मामले में एक रियल एस्टेट फर्म के डायरेक्टर अभय कुमार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और छह दिनों के लिए ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया। युवराज के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत के आधार पर गैर इरादतन हत्या सहित कई धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है।
यह भी पढ़ें: ‘सड़कें, पुल और भ्रष्टाचार जान ले रहे हैं…’, नोएडा हादसे को लेकर राहुल गांधी का सरकार पर सीधा हमला
ग्रेटर नोएडा के एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस हेमंत उपाध्याय ने बताया कि इस मामले में लापरवाही के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। हालांकि, दूसरी आरोपी फर्मों, MZ विजनटाउन प्लानर्स और लोटस ग्रीन्स के खिलाफ की गई किसी भी कार्रवाई के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।
CM योगी के आदेश पर बनी तीन सदस्यीय SIT की अगुवाई मेरठ जो के ADG भानु भास्कर कर रहे हैं। टीम में मेरठ डिविजनल कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी और PWD चीफ इंजीनियर अजय वर्मा भी शामिल हैं। SIT को पांच दिनों के अंदर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। SIT ने दुर्घटना वाली जगह का दौरा किया और स्थिति का जायजा लेने के लिए अधिकारियों के साथ बैठकें कीं।
ADG भानु भास्कर ने बताया कि प्राधिकरण, पुलिस और इमरजेंसी सेवाओं की भूमिका की जांच की जा रही है। इससे यह भी पता चलेगा कि गलती किसकी थी और क्या दुर्घटना को रोका जा सकता था। SIT पीड़ित के पिता से भी बात करेगी। दुर्घटना के बाद सरकार ने नोएडा अथॉरिटी के CEO लोकेश एम को उनके पद से हटाते हुए वेटिंग लिस्ट में डाल दिया है।