पीएम मोदी के साथ नितिन नबीन। इमेज-सोशल मीडिया
BJP National President Election: बीजेपी को 20 जनवरी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल जाएगा। इस दिन बीजेपी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यभार संभालेंगे। वो मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की जगह लेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर चुने जाने के लिए नितिन नबीन 19 जनवरी को नामांकन दाखिल करेंगे। माना जा रहा कि उनके खिलाफ और कोई नेता नामांकन नहीं भरेगा। इससे उनका निर्विरोध चुनाव जीतना तय है।
नितिन नबीन के नामांकन में प्रस्तावकों में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हो सकते हैं। ऐसी संभावना है कि 19 जनवरी को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन के चुने जाने की औपचारिक घोषणा होगी। इस दौरान पीएम मोदी, केंद्रीय मंत्री, बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, पार्टी के वरिष्ठ राष्ट्रीय पदाधिकारी, प्रदेश इकाइयों के अध्यक्ष, पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भी चुनाव नतीजे की घोषणा के दौरान पार्टी मुख्यालय में रहेंगे।
बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया को लेकर मंगलवार को पार्टी के संयोजक के लक्ष्मण ने दिल्ली में बैठक भी की थी। बैठक में इस चुनाव के सह-संयोजक संबित पात्रा और नरेश बंसल भी थे। इस सप्ताह के अंत तक चुनाव प्रक्रिया का पूरा खाका जारी होना है। 46 साल की उम्र में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने वाले नितिन नबीन बीजेपी के सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। वह सबसे अधिक समय तक इस पद पर रहने वाले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की जगह लेंगे।
नितिन नबीन बीजेपी युवा मोर्चा में काम कर पार्टी के शिखर तक पहुंचे हैं। उनके कार्यभार संभालने के बाद पार्टी संगठन में भारी बदलाव की संभावना है। इसके युवा कार्यकर्ताओं की लंबी जमात है, जो बदले हालात में पार्टी में अपनी बड़ी भूमिका की उम्मीद कर रहे हैं, क्योंकि बीजेपी मुख्यालय में इन दिनों नितिन नबीन को शुभकामनाएं देने आने वाले ऐसे नेताओं की लंबी लिस्ट होने लगी है। ऐसे में उनके लिए संगठन में बदलाव बड़ी चुनौती साबित होने वाली है।
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नितिन नबीन को बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर औपचारिक ताजपोशी के साथ कुछ राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना है। इनमें पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल विधानसभा चुनाव भी शामिल हैं। यहां बीजेपी कभी सत्ता में नहीं आई है। इतना ही नहीं असम और पुडुचेरी में भी चुनाव है। वहां बीजेपी सत्ता में है और यहां सरकार में वापसी बड़ी चुनौती होगी।