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Nitin Nabin Hit Back Congress: पिछले कई महीनो से कांग्रेस भाजपा को अलग-अलग तरीकों से घेरने का काम कर रही थी, कभी संसद में “PM IS COMPROMISED” वाले पोस्टर का प्रदर्शन हो या फिर एआई इम्पैक्ट समिट में कांग्रेस के प्रदर्शनकारियों का टी-शर्ट उतार प्रदर्शन। अब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने राहुल गांधी, इंदिरा गांधी और तत्कालिन पीएम जवाहर लाल नेहरू का जिक्र करते हुए कांग्रेस को घेरने का काम किया है।
दरअसल, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बुधवार यानी 25 फरवरी 2026 को कांग्रेस पार्टी पर उसके समझौता कर चुके प्रधानमंत्री वाले बयान पर तीखा पलटवार किया, भाजपा ने आरोप लगाया की देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने अपने पूरे कार्यकाल में बार-बार देश की सीमाओं को लेकर समझौते किए।
नेहरू युग : Sovereignty के साथ Compromise इतिहास गवाह है, नेहरू जी का सचिवालय CIA और अन्य विदेशी agencies के लिए खुली किताब था। 1954 में नेहरू जी ने तिब्बत पर चीन के अधिकार को स्वीकार कर लिया। पंचशील के बाद अक्साई चिन के मुद्दे पर चीन के सामने उनका surrender और UNSC में चीन की… pic.twitter.com/lDpe8tPpq4 — Nitin Nabin (@NitinNabin) February 25, 2026
साथ ही उन्होंने कहा कि “इतिहास गवाह है, नेहरू जी का सचिवालय CIA और अन्य विदेशी agencies के लिए खुली किताब था। 1954 में नेहरू जी ने तिब्बत पर चीन के अधिकार को स्वीकार कर लिया। पंचशील के बाद अक्साई चिन के मुद्दे पर चीन के सामने उनका surrender और UNSC में चीन की स्थायी सदस्यता का समर्थन करके नेहरू ने राष्ट्र की सम्प्रभुता से compromise किया”।
पंडित नेहरू के साथ-साथ उन्होंने इंदिरा गांधी के कार्यकाल का शिमला समझौता, कच्चीथीवू का मामला और CIA की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि “अमेरिकी राजदूत ने माना था कि CIA ने कांग्रेस को चुनाव में पैसा दिया। शिमला समझौते के बाद बिना PoK लिए हुए 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों की रिहाई और कच्चातिवू द्वीप को श्रीलंका को सौंपना इंदिरा गांधी के ‘Compromise Mission’ की कहानी बताता है।
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3 फरवरी 2026 को नेता विपक्ष ने एक सनसनीखेज दावा किया था, जिसके चलते उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘कंप्रोमाइज्ड'(दबाव में) आने वाला पीएम बता दिया था। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाए थे कि दबाव के चलते ही उन्होंने अमेरिका के साथ ट्रेड डील किया है। उन्होंने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस समझौते के माध्यम से देश को बेच दिया है। उन्होंने कहा कि “पीएम इस बात से डरे हुए हैं कि उनकी ‘छवि का गुब्बारा’ कहीं फूट न जाए”। राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि यह डील देश के हितों को नुकसान पहुंचा सकती है।