कोरोना का नया सिकाडा वेरिएंट (सोर्स-सोशल मीडिया)
COVID Cicada Variant Symptoms: दुनियाभर में कोरोना वायरस का एक नया सब-वेरिएंट BA.3.2 तेजी से पैर पसार रहा है जिसे वैज्ञानिकों ने सिकाडा नाम दिया है। दक्षिण अफ्रीका से शुरू हुआ यह खतरनाक वेरिएंट अब तक अमेरिका और यूरोप सहित दुनिया के 23 देशों में पहुंच चुका है। इसमें मौजूद 70 से ज्यादा म्यूटेशन इसे पिछले सभी वेरिएंट्स की तुलना में काफी अधिक संक्रामक और चुनौतीपूर्ण बना सकते हैं। कोविड सिकाडा वेरिएंट के लक्षण के इस नए खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ पूरी दुनिया को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
सिकाडा वेरिएंट की पहचान सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में की गई थी जिसके बाद यह देखते ही देखते दुनिया के कई हिस्सों में फैल गया। वर्तमान में अमेरिका के 25 राज्यों में इसके मामले पाए गए हैं और वहां एयरपोर्ट के वेस्ट वॉटर सैंपल्स में इसकी पुष्टि हुई है। इतनी तेजी से बढ़ते प्रसार के कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसे “वेरिएंट अंडर वॉच” की विशेष श्रेणी में रखा है।
इस नए वेरिएंट की सबसे चौंकाने वाली बात इसमें पाए गए म्यूटेशन की असामान्य संख्या है जो लगभग 70 से 75 के बीच है। वैज्ञानिकों के अनुसार ये म्यूटेशन मुख्य रूप से वायरस के स्पाइक प्रोटीन में स्थित हैं जो इसे मानव कोशिकाओं में प्रवेश करने में मदद करते हैं। यही कारण है कि यह वेरिएंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और मौजूदा वैक्सीन को चकमा देने में सक्षम हो सकता है।
सिकाडा वेरिएंट से संक्रमित होने पर मरीजों में मुख्य रूप से गले में खराश, अत्यधिक थकान और तेज बुखार जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं। कुछ मामलों में खांसी और बदन दर्द की समस्या भी रिपोर्ट की गई है जबकि कुछ दुर्लभ मामलों में रात में पसीना आना भी देखा गया है। अगर किसी व्यक्ति को त्वचा पर चकत्ते या स्वाद जाने जैसे लक्षण महसूस हों तो उन्हें तुरंत अपनी जांच करानी चाहिए।
अच्छी खबर यह है कि सिकाडा वेरिएंट भले ही बहुत तेजी से फैल रहा है लेकिन इससे संक्रमित मरीजों में गंभीर समस्या नहीं देखी गई है। अब तक प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार अधिकांश मामले हल्के से मध्यम श्रेणी के हैं और अस्पतालों में भर्ती होने की दर सामान्य बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह अभी तक दुनिया भर में पूरी तरह डोमिनेंट स्ट्रेन के रूप में स्थापित नहीं हुआ है।
भारत के संदर्भ में राहत की बात यह है कि फिलहाल देश में सिकाडा वेरिएंट का एक भी सक्रिय मरीज सामने नहीं आया है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के कारण इसके भारत में फैलने का खतरा हमेशा बना रहता है इसलिए स्वास्थ्य मंत्रालय पूरी तरह सतर्क है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की बड़ी आबादी को लग चुकी वैक्सीन गंभीर बीमारी और मौत के जोखिम को कम करेगी।
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कोरोना के इस नए खतरे से बचने के लिए नागरिकों को सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए और मास्क का उपयोग करना चाहिए। हाथों को बार-बार साबुन से धोना और सामाजिक दूरी का पालन करना इस संक्रमण की चैन को तोड़ने में सबसे प्रभावी हथियार साबित हो सकता है। किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर लापरवाही न बरतें और जल्द से जल्द नजदीकी केंद्र पर जाकर कोविड जांच कराएं।