मुजफ्फरपुर ‘ब्लू ड्रम’ मर्डर: प्रेमिका के साथ मिलकर पति के किए टुकड़े, नमक डालकर गलाया शव; अब मिली उम्रकैद
Bihar Crime News:` बिहार के मुजफ्फरपुर में चार साल पहले हुए सनसनीखेज 'ब्लू ड्रम' हत्याकांड के दोषी सुभाष कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। उसने प्रेमिका के साथ मिलकर उसके पति की नृशंस हत्या की थी।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
गिरफ्तार किया गया आरोपी, फोटो- सोशल मीडिया
Muzaffarpur Blue Drum Murder: बिहार के मुजफ्फरपुर में प्यार, धोखे और रूह कंपा देने वाली दरिंदगी की एक ऐसी कहानी का अंत हुआ है जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। प्रेमिका के साथ मिलकर उसके पति के टुकड़े-टुकड़े करने और उसे नीले ड्रम में केमिकल डालकर गलाने के दोषी सुभाष को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।
मुजफ्फरपुर जिले के सिकंदरपुर क्षेत्र के रहने वाले सुभाष कुमार को जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-16 ने सोमवार (24 फरवरी 2026) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह मामला चार साल पहले का है, जब सुभाष ने अपनी प्रेमिका राधा देवी के साथ मिलकर उसके पति राकेश सहनी की हत्या कर दी थी।
हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की कोशिश
वारदात की वीभत्सता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हत्या के बाद राकेश के शव को आरी से काटकर छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट दिया गया और उसे एक नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम में भर दिया गया। साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपियों ने ड्रम में भारी मात्रा में ब्लीचिंग पाउडर, फिनाइल और नमक डाल दिया था ताकि शव पूरी तरह गल जाए और किसी को भनक तक न लगे।
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दिल्ली से बुलाकर रची गई खूनी साजिश
जांच में सामने आया कि यह कोई आवेश में की गई हत्या नहीं थी, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। राधा का अखाड़ा घाट बांध रोड के सुभाष के साथ अवैध प्रेम-प्रसंग चल रहा था, जिसका राकेश विरोध करता था। राधा ने प्रलोभन देकर अपने पति राकेश को दिल्ली से मुजफ्फरपुर बुलाया। वहां राधा, उसकी बहन कृष्णा देवी, साढ़ू विकास कुमार और प्रेमी सुभाष ने मिलकर राकेश को मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद कमरे को बाहर से बंद कर दिया गया ताकि बदबू बाहर न आए।
बंद कमरे में विस्फोट और खुल गया मौत का ‘नीला राज’
इस खौफनाक हत्याकांड का खुलासा किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं था। 18 सितंबर 2021 की रात करीब आठ बजे, बालूघाट स्थित उस किराए के कमरे में अचानक एक धमाका हुआ और आग लग गई। आग बुझाने के लिए जब फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची और दरवाजा तोड़ा गया, तो वहां रखे नीले ड्रम को देखकर सबके होश उड़ गए। पुलिस ने 19 सितंबर की सुबह ड्रम से शव के अवशेषों को बरामद किया। इसके तीन दिन बाद, 22 सितंबर 2021 को मुख्य आरोपी सुभाष को रेलवे स्टेशन से उस वक्त गिरफ्तार किया गया जब वह अपनी प्रेमिका राधा के साथ भागने की फिराक में था।
कोर्ट का फैसला: उम्रकैद और ₹55,000 का जुर्माना
अपर लोक अभियोजक अरविंद कुमार ने कोर्ट के समक्ष पुख्ता साक्ष्य पेश किए, जिसके आधार पर कोर्ट ने सुभाष कुमार को दोषी पाया। अदालत ने सुभाष को हत्या के मामले में आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा दी। इसके साथ ही, साक्ष्य मिटाने की धारा के तहत उसे तीन वर्ष की अतिरिक्त जेल और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माने की राशि जमा न करने पर कारावास की अवधि बढ़ाई जा सकती है। यह फैसला समाज में एक कड़ा संदेश देता है कि कानून की नजर से बचना नामुमकिन है।
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‘ब्लू ड्रम’ और शव गलाने का ट्रेंड?
हाल के वर्षों में कई ऐसे आपराधिक मामले सामने आए हैं जहां शव को ठिकाने लगाने के लिए ‘ब्लू ड्रम’ या केमिकल का इस्तेमाल किया गया। अपराधी अक्सर इंटरनेट या क्राइम शो से प्रेरित होकर शव को गलाने के लिए नमक, एसिड या ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग करते हैं। मुजफ्फरपुर का यह केस दर्शाता है कि अपराधी साक्ष्य मिटाने के लिए कितने शातिर तरीके अपना रहे हैं, लेकिन मुजफ्फरपुर पुलिस और फॉरेंसिक साक्ष्यों ने इस “परफेक्ट मर्डर” की साजिश को विफल कर दिया।
