जेल से सीधे राज्यसभा जाएंगे उमर खालिद! मुस्लिम संगठनों ने कांग्रेस को लिखी चिट्ठी; जानें क्या कहा
Umar Khalid News: राजस्थान से जून में राज्यसभा की तीन सीटें खाली होने वाली हैं। इस बीच मुस्लिम संगठनों के एक समूह ने कांग्रेस से पत्र लिखकर आग्रह किया कि वह छात्र नेता उमर खालिद को उम्मीदवार बनाए।
- Written By: सजल रघुवंशी
उमर खालिद (सोर्स- सोशल मीडिया)
Muslim Organistaion Letter To Congress: जून में राजस्थान राज्यसभा की तीन सीट खाली हो रही हैं। अगर विधायकों की संख्या के हिसाब से देखें तो इन तीन सीटों में से भाजपा को दो और कांग्रेस को एक सीट मिलेगी। इस बीच गौर करने वाली बात यह है कि मुस्लिम संगठनों के एक ग्रुप ने कांग्रेस से यह निवेदन किया है कि वह छात्र नेता उमर खालिद को राजस्थान से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाने पर विचार करें।
राजस्थान मुस्लिम गठबंधन के अध्यक्ष राशिद टोंक ने कहा है कि चुनाव में उमर खालिद को कांग्रेस पार्टी की तरफ से उतारने को लेकर एक पत्र लिखा है। जिसमें यह आग्रह किया गया है कि पार्टी संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है और सबको साथ लेकर चलने वाली राजनीति को मानती है।
मुस्लिम वोटरों की भागीदारी को देखकर उठाई यह मांग
राशिद टोंक ने इस संबंध में अपने दावे को मजबूत करने के लिए 2023 विधानसभा चुनाव का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में कांग्रेस को वोट देने वालों में मुस्लिम वोटर्स की संख्या ज्यादा है। इसके अलावा मुस्लिम प्रोग्रेसिव फोरम के अध्यक्ष अब्दुल सलाम जोहर ने भी इसी आधार पर उनकी बात का समर्थन किया।
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कई सालों से जेल में उमर खालिद
उमर खालिद को 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया गया था। इसी साल जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र उमर खालिद उन 20 आरोपियों में शामिल हैं, जिन पर दंगों को भड़काने की साजिश रचने का आरोप है।
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दिल्ली दंगे भड़काने का आरोप
दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच इस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, यह दंगे अचानक नहीं भड़के थे बल्कि एक सुनियोजित और पूर्व-नियोजित साजिश का हिस्सा थे। जो देश की संप्रभुता को प्रभावित करने के उद्देश्य से की गई थी। फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए इन सांप्रदायिक दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी जबकि 700 से अधिक लोग घायल हुए थे। यह हिंसा सीएए और एनआरसी के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान भड़की थी।
