सीएम योगी संत हैं…सड़क पर नमाज वाले बयान का इस मुस्लिम नेता ने किया खुला समर्थन, कही ये बड़ी बात
Yogi Adityanath Road Namaz Statement: सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर सीएम योगी के बयान के बाद उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन मुफ्ती शमून कासमी ने उनका समर्थन किया है।
- Written By: अमन मौर्या
उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन मुफ्ती शमून कासमी (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Mufti Shamoon Qasmi Supports CM Yogi: सोमवार को उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के सड़क पर नमाज न पढ़ने को लेकर दिए बयान के बाद देशभर में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। लगातार प्रतिक्रिया सामने आ रही है। इस बीच उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन मुफ्ती शमून कासमी का बयान सामने आया है। उन्होंने सीएम योगी के बयान का समर्थन किया है।
मीडिया से बात करते हुए मुफ्ती शमून कासमी ने कहा, सीएम योगी ने जो कहा है, वह बिल्कुल सही है। सीएम योगी एक संत हैं। एक संत न सिर्फ अपने धर्म को जानता है, बल्कि अन्य धर्मों का भी अध्ययन करता है। ऐसे में सीएम योगी का कहना कि रोड पर नमाज नहीं पढ़नी चाहिए, मैं पूर्णतः उनका समर्थन करता हूं।
शिफ्ट में पढ़ा जा सकता है नमाज
कासमी ने सार्वजनिक स्थान पर नमाज पढ़ने को लेकर कहा, सार्वजनिक जगह और सरकारी संपत्ति पर नमाज नहीं पढ़ना चाहिए, क्योंकि यह वह जगह है जहां से आम जनमानस निकलता है। इन जगहों से एंबुलेंस निकल सकती है, जिसमें मरीज हो सकते हैं और देरी की वजह से उनकी जान जा सकती है।
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सीएम योगी ने एक और अच्छी सलाह दी है कि अगर मस्जिद में जगह कम है और नमाजी ज्यादा हैं, तो शिफ्टों में नमाज पढ़ा जा सकता है। इस्लाम के जानकारों को इस पर ध्यान देना चाहिए। सार्वजनिक जगह और रोड के ऊपर नमाज नहीं होनी चाहिए।
सीएम ने दी थी हिदायत
बता दें कि इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने बकरीद के अवसर पर सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने की सख्त हिदायत दी थी। उन्होंने शिफ्ट में नमाज पढ़ने की भी सलाह दी थी। उन्होंने कहा था, नमाज पढ़नी है, आप शिफ्ट में पढ़िए। प्यार से मानेंगे ठीक है, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे।
नमाज पढ़नी है, आप शिफ्ट में पढ़िए… प्यार से मानेंगे ठीक है, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे… pic.twitter.com/zDoz6YiqTZ — Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 18, 2026
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‘अल्पसंख्यकों के लिए बनाईं अथॉरिटीज’
कासमी ने उत्तराखंड राज्य का उदाहरण देते हुए कहा, सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड के अंदर कहीं भी सड़कों पर नमाज नहीं होती है। हमने लोगों तक जा-जाकर यह बताने का प्रयास भी किया है। यहां पर हम सीएम धामी का संदर्भ लेते हैं कि उन्होंने किस तरह से अल्पसंख्यकों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया।
उन्होंने बताया कि धामी सरकार ने राज्य में अल्पसंख्यकों की शिक्षा के लिए कई अथॉरिटीज बनाईं है। इसमें मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, फारसी और जैन सभी के लिए एक ऐसा रास्ता उपलब्ध किया है जिससे कि उनके बच्चे आगे चलकर आईएएस और आईपीएस बन सकें।
