

Lucknow Metro Expansion Proposal: सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई। योगी मंत्रिमंडल विस्तार के बाद यह पहली कैबिनेट बैठक थी। ऐसे में सबकी निगाहें इस बैठक पर टिकी थी। कैबिनेट बैठक में पिछड़ा वर्ग आयोग, आगरा और लखनऊ मेट्रो विस्तार के लिए भूमि समेत 12 प्रस्तावों की मंजूरी दी गई।
पिछड़ा वर्ग आयोग की मंजूरी मिलने से पंचायत चुनाव की एक बड़ी समस्या दूर हो गई। बैठक में सरकार ने पूर्वांचल में बिजली आपूर्ति को मजबूत करने, चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने और महानगरों में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में भी बड़े फैसले लिए।
सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा निर्णय लेते हुए मिर्जापुर जिले में सरदार पटेल एपेक्स विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए आशय पत्र जारी करने की मंजूरी दे दी। यह विश्वविद्यालय चुनार तहसील के समसपुर गांव में स्थापित किया जाएगा।
कैबिनेट बैठक में लखनऊ स्थित डॉक्टर राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के शहीद पथ स्थित नए परिसर में 1,100 बेड का अत्याधुनिक इमरजेंसी केंद्र, शिक्षण भवन और ओपीडी भवन के निर्माण को मंजूरी दी गई। करीब 855 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस परियोजना से राजधानी के आसपास के जिलों के मरीजों को अब अत्याधुनिक स्वास्थ्य चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इसके अलावा चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। सरकार का मानना है कि मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल का विस्तार आवश्यक हो गया था।
बैठक में आगरा और लखनऊ में मेट्रो परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। आगरा में दूसरे गलियारे के लिए मेट्रो स्टेशन और ऊपरी मार्ग निर्माण हेतु जमीन हस्तांतरण को स्वीकृति दी गई। सरकार ने लखनऊ में चारबाग से वसंतकुंज तक पूर्व-पश्चिम गलियारे के निर्माण के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल निगम के बीच समझौता ज्ञापन पर सहमति दी गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 5,801 करोड़ रुपए बताई गई है।
इसके अलावा प्रदेश में होने वालेे त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में पिछड़ा वर्ग आरक्षण तय करने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी दी गई। इस आयोग में पांच सदस्य शामिल होंगे। इसकी अध्यक्षता उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे। यह आयोग पंचायतों में पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व का अध्ययन कर आरक्षण संबंधी सुझाव देगा।