गन्ने की कीमतों में भारी उछाल से सेमीकंडक्टर पर मेगा प्लान तक…मोदी कैबिनेट ने लिए कई बड़े फैसले
Sugarcane FRP Hike: प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने गन्ने के दाम ₹365 प्रति क्विंटल करने, ₹5659 करोड़ के कॉटन मिशन और नई सेमीकंडक्टर यूनिट्स को मंजूरी दी है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
नरेंद्र मोदी (Image- Social Media)
Modi Cabinet Decisions: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में ऐसे फैसले लिए गए हैं, जिनका असर केवल एक सेक्टर नहीं बल्कि पूरे आर्थिक ढांचे पर दिखने वाला है। सरकार ने खेती से लेकर हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग और समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर तक कई बड़े फैसले लिए हैं। इन फैसलों से साफ संकेत मिलता है कि आने वाले वक्त में भारत की ग्रोथ स्ट्रैटेजी मल्टी सेक्टर अप्रोच पर आधारित रहेगी।
बता दें कि मोदी कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स वित्तीय मामलों की कैबिनेट कमिटी (CCEA) ने 2026-27 सीजन के लिए गन्ने का फेयर एंड रेम्यूनरेटिव प्राइस बढ़ाया है। सरकार ने अब 365 रुपये प्रति क्विंटल रेट तय किया है। यह रेट 10.25 प्रतिशत रिकवरी पर आधारित है।
किसानों के लिए खुशखबरी
बता दें कि अगर रिकवरी बढ़ती है तो किसानों को हर 0.1 प्रतिशत पर 3.56 रुपये अधिक मिलेंगे। वहीं बड़ी बात ये है कि 9.5 प्रतिशत से कम रिकवरी होने पर भी किसानों को 338.3 रुपये प्रति क्विंटल दाम मिलेंगे। इस फैसले का लगभग 5 करोड़ किसानों और उनके परिवारों पर असर होगा।
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| वर्ष (Sugar Season) | FRP (₹ प्रति क्विंटल) |
|---|---|
| 2015-16 | 230 |
| 2016-17 | 230 |
| 2017-18 | 255 |
| 2018-19 | 275 |
| 2019-20 | 275 |
| 2020-21 | 285 |
| 2021-22 | 290 |
| 2022-23 | 305 |
| 2023-24 | 315 |
| 2024-25 | 340 |
| 2025-26 | 355 |
| 2026-27 | 365 |
मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी योजना को मंजूरी
मोदी सरकार ने 5659 करोड़ रुपये की मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी योजना को मंजूरी दे दी है। यह योजना 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी और इस योजना का लक्ष्य है बेहतर बीज तैयार करना, खेती की तकनीक सुधारना और कपास की गुणवत्ता को बढ़ाना। मोदी सरकार ने बता कि इसके साथ ही जिनिंग और प्रोसेसिंग यूनिट्स को आधुनिक बनाया जाएगा। भारत सरकार कस्तूरी कॉटन भारत ब्रांड के माध्यम से भारतीय कपास को ग्लोबल मार्केट में पहचान दिलाने की तैयारी कर रही है। सरकार का लक्ष्य है 2031 तक उत्पादन 498 लाख गांठ तक पहुंचाना और पैदावार को 755 किलो प्रति हेक्टेयर करना है।
सेमीकंडक्टर को लेकर बड़ा फैसला
मोदी सरकार ने देश को टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनाने के लिए 3900 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली दो नई सेमीकंडक्टर यूनिट्स को मंजूरी दी है। यह फैसला इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को और मजबूत करेगा। साथ ही आयात पर निर्भरता घटाएगा। इसके अलावा हाई स्किल जॉब्स के नए मौके भी पैदा होंगे।
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गुजरात में शिप रिपेयर हब बनेगा
बता दें कि गुजरात के वाडीनार में 1570 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक शिप रिपेयर फैसिलिटी बनाने का फैसला किया गया है। यह प्रोजेक्ट दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी और कोचिन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा तैयार किया जाएगा। यहां 650 मीटर लंबा जेट्टी, फ्लोटिंग ड्राई डॉक और वर्कशॉप जैसी सुविधाएं बनाई जाएंगी। इस हब की मदद से 300 मीटर तक के बड़े जहाजों की मरम्मत अब देश में ही हो सकेगी।
