

TMC vs BJP: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के शुरुआती रुझानों में बेहद चौंकाने वाली और ऐतिहासिक तस्वीर सामने आ रही है। राज्य की 293 सीटों पर जारी मतों की गिनती के बीच ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस को तगड़ा झटका लगता दिख रहा है। शुरुआती रुझानों के अनुसार, राज्य के चार प्रमुख जिले ऐसे हैं जहां सत्ताधारी टीएमसी का खाता तक नहीं खुलता दिख रहा है। इन जिलों में उत्तर बंगाल के अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी, जबकि दक्षिण बंगाल के झारग्राम और पश्चिम बर्धमान शामिल हैं। इन सभी सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों ने मजबूत बढ़त बनाई हुई है।
दक्षिण बंगाल के झारग्राम जिले की सभी चार विधानसभा सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार सुबह 10:30 बजे तक के रुझानों में काफी आगे चल रहे हैं। इन सीटों में नयाग्राम, गोपीबल्लवपुर, झारग्राम और बिनपुर शामिल हैं। झारग्राम इलाका आदिवासी बहुल जंगलमहल क्षेत्र का हिस्सा है, जो पहले कभी माकपा का मजबूत गढ़ हुआ करता था। लेकिन 2011 के बाद से यह तृणमूल कांग्रेस का मजबूत आधार बन गया था। लेफ्ट फ्रंट के अंतिम वर्षों में यह इलाका माओवादी गतिविधियों से काफी प्रभावित था, लेकिन अब यहां के आदिवासी मतदाताओं का झुकाव पूरी तरह से भाजपा की ओर दिख रहा है।
उत्तर बंगाल के अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जिलों में भी टीएमसी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ रहा है। अलीपुरद्वार जिले की पांचों सीटों- जैसे कुमारग्राम, कालचिनी, अलीपुरद्वार, फलाकाटा और मदारीहाट पर भाजपा ने अपनी बढ़त बनाई हुई है। इसी तरह जलपाईगुड़ी जिले की सात सीटों पर भी भाजपा के प्रत्याशी आगे चल रहे हैं। इनमें धुपगुड़ी, मयनागुड़ी, जलपाईगुड़ी, राजगंज, डाबग्राम-फुलबाड़ी, माल और नागराकाटा शामिल हैं। जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार पश्चिम बंगाल के तराई और डूअर्स क्षेत्र का हिस्सा हैं, जहां चाय बागानों में काम करने वाले आदिवासी और राजबंशी वोटर चुनावी नतीजों को तय करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसके साथ ही पश्चिम बर्धमान जिले की सभी सात सीटों पर भी भाजपा के उम्मीदवारों ने अपना दबदबा कायम किया है। पांडाबेश्वर, दुर्गापुर पूर्व, दुर्गापुर पश्चिम, रानीगंज, जमुरिया, आसनसोल दक्षिण और आसनसोल उत्तर में भाजपा लगातार आगे चल रही है। विशेष तौर पर आसनसोल दक्षिण सीट पर भाजपा की मौजूदा विधायक और फैशन डिजाइनर से राजनेता बनीं अग्निमित्रा पॉल आगे चल रही हैं। गौरतलब है कि पश्चिम बर्धमान का यह क्षेत्र कोयला खनन और स्टील उद्योग के लिए देश भर में जाना जाता है।
यह भी पढ़ें:
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी रैलियों में यह दावा किया था कि इस बार बंगाल में कई जिले ऐसे होंगे, जहां तृणमूल कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल पाएगी। मतगणना के शुरुआती रुझान बिल्कुल इसी ओर इशारा करते नजर आ रहे हैं, जिसने राज्य की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।