

Red Fort Blast NIA Chargesheet: दिल्ली के लाल किला इलाके में 10 नवंबर 2025 को हुए धमाके की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी ने डॉ. उमर उन नबी को इस हमले का कथित मास्टरमाइंड और सुसाइड बॉम्बर बताया है।
चार्जशीट के मुताबिक, जांच के दौरान मिले सबूतों से एजेंसी इस निष्कर्ष पर पहुंची कि धमाके के वक्त उमर उसी Hyundai i20 कार में मौजूद था, जिसमें विस्फोट हुआ था। इस धमाके में 11 लोगों की मौत और 29 लोगों के घायल होने की बात चार्जशीट में दर्ज है।
NIA के मुताबिक, जांच में सामने आया कि धमाके के लिए कार का इस्तेमाल किया गया था। घटनास्थल से मिले जैविक नमूनों और अन्य फॉरेंसिक सबूतों की जांच के आधार पर एजेंसी ने उमर की मौजूदगी का दावा किया है।
जांच के दौरान बरामद एक कमांड मैकेनिज्म को भी अहम सबूत माना गया है। NIA के अनुसार, इस उपकरण और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों ने विस्फोट की योजना और उसे अंजाम देने के तरीके को समझने में मदद की।
चार्जशीट के अनुसार, घटनास्थल से मिले जैविक नमूनों की जांच की गई। NIA का दावा है कि इन नमूनों की DNA जांच से उमर उन नबी की पहचान हुई। जांच एजेंसी ने इसे इस दावे के समर्थन में महत्वपूर्ण कड़ी माना है कि धमाके के समय उमर कार के अंदर था।
NIA के मुताबिक, ब्लास्ट के बाद कुल 73 एग्जिबिट जब्त किए गए। इनमें से 64 नमूनों की जांच CFSL चंडीगढ़ और बाकी नमूनों की जांच NFSU गांधीनगर में कराई गई।
चार्जशीट में आरोपी शाहीन सईद के पेन ड्राइव से 87 तस्वीरें मिलने का भी जिक्र है। एजेंसी के मुताबिक, इन तस्वीरों में कुछ आरोपी हथियारों के साथ नजर आए।
NIA ने आरोपियों के संबंध अंसार गजवात-उल-हिंद (AGuH) और AQIS से होने का दावा किया है। जांच के दौरान फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के बाहर एक किराए के ठिकाने से संदिग्ध सामग्री और उपकरण बरामद किए जाने की बात भी चार्जशीट में कही गई है।
चार्जशीट में आरोपी जसीर बिलाल वानी को लेकर भी जानकारी दी गई है। NIA के मुताबिक, उसने ऑनलाइन माध्यमों से रॉकेट से जुड़ी जानकारी तलाशने की कोशिश की थी और कथित तौर पर एक रॉकेट तैयार भी किया था। चार्जशीट में यह भी दावा है कि उमर ने जसीर बिलाल वानी को दो ड्रोन दिए थे।
NIA ने विशेषज्ञों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि मामले में TATP नामक अत्यधिक संवेदनशील विस्फोटक की मौजूदगी के संकेत मिले। इसे आमतौर पर 'Mother of Satan' के नाम से भी जाना जाता है।
जांच में अमोनियम नाइट्रेट और अन्य रासायनिक पदार्थों की मौजूदगी की भी बात सामने आई है। NIA ने चार्जशीट में बरामद सामग्री को धमाके की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना है।
चार्जशीट में 14 नवंबर 2025 को नौगाम पुलिस स्टेशन परिसर में हुए धमाके का भी उल्लेख है। जांच एजेंसी के अनुसार, विस्फोटक तैयार करने से संबंधित सामग्री और उपकरण एक किराए के ठिकाने से बरामद किए गए थे और उन्हें जांच के लिए पुलिस स्टेशन लाया गया था।
चार्जशीट में दावा किया गया है कि इसी दौरान थाने के परिसर में विस्फोट हुआ। इसमें 9 पुलिसकर्मियों की मौत और 29 लोगों के घायल होने की बात दर्ज है।
NIA की चार्जशीट में लाल किला ब्लास्ट और आरोपियों से जुड़े अन्य घटनाक्रम को जोड़ते हुए कई फॉरेंसिक, डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है। मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया के दौरान इन आरोपों और साक्ष्यों की जांच होगी।