पंजाब पुलिस के हत्थे चढ़ा भगोड़ा अपराधी अमृतपाल सिंह, मोल्दोवा से लाया गया भारत; महीनों कोशिश के बाद कामयाबी

Fugitive Criminal Amritpal Singh Arrested: मोल्दोवा से भगोड़े अपराधी अमृतपाल सिंह उर्फ़ अमृत दलम को प्रत्यर्पण कर भारत लाया। छह महीने की कोशिश के बाद सफलता मिली
Extradition Of Fugitive Criminal Amritpal Singh
भगोड़ा अपराधी अमृतपाल सिंह को लाया गया भारत(सोर्स- @DGPPunjabPolice)
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Extradition Of Fugitive Criminal Amritpal Singh: पंजाब पुलिस ने देश के बाहर फैले संगठित अपराध के खिलाफ़ एक बड़ी सफलता हासिल की। मोल्दोवा से भगोड़े अपराधी अमृतपाल सिंह उर्फ़ अमृत दलम को प्रत्यर्पण कर भारत लाया। पंजाब पुलिस के अनुसार, अमृतपाल सिंह 'जग्गू भगवानपुरिया गैंग' का एक अहम सदस्य है और उस पर हत्या, हत्या की कोशिश, गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, आर्म्स एक्ट और नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों के कई मामले दर्ज हैं।

यूरोपीय देश से प्रत्यर्पण का पहला केस

पंजाब पुलिस के लिए संगठित अपराध से निपटने की कोशिशों में यह एक बड़ी कामयाबी है। बता दें कि किसी यूरोपीय देश से प्रत्यर्पण का यह पहला मामला है। पंजाब पुलिस ने 'ऑपरेशन ईस्टर्न रीच' नाम के इस ऑपरेशन में छह महीने तक खुफिया जानकारी के आधार पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आरोपी की तलाश की गई। यह कामयाबी पंजाब की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ​​और ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रैडिशन सेल (OFTEC) के बीच लगातार निगरानी और तालमेल की वजह से मिली है।

अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने की मदद

पंजाब के जांच एजेंसियों को केंद्रीय एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों की मदद से मिली।  जिसके बाद पंजाब पुलिस ने इतनी बड़ी सफलता हासिल की। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स का नेतृत्व कर रहे अधिकारी विक्रमजीत सिंह बराड़ ने कहा कि सीएम भगवंत मान और डीजीपी की 'गैंगस्टरों ते वार' मुहीम शुरू करने की पहल पर, 'ऑपरेशन ईस्टर्न रीच' नाम का एक विशेष ऑपरेशन चलाया गया। यह छह महीने लंबा ऑपरेशन था।

दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिग

AGTF प्रमुख प्रमोद मान और OFTEC चीफ आशीष चौधरी ने सेंट्रल एजेंसियों की मदद से भगोड़े अमृत दलम को गिरफ्तार किया और उसे मोल्दोवा से भारत वापस लाया। दिल्ली एयरपोर्ट से अमृतपाल सिंह की तस्वीर सामने आई है। यह पंजाब पुलिस का यूरोप से किया गया पहला सफल एक्सट्रैडिशन है।

अक्टूबर 2024 में भारत से भागा था

भगोड़ा अपराधी अक्टूबर 2024 में नकली पासपोर्ट का इस्तेमाल करके भारत से भाग गया था। AGTF और OFTEC के छह महीने लंबे 'ऑपरेशन ईस्टर्न रीच' के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। 11 सितंबर को पंजाब पुलिस की चार सदस्यीय टीम ने उसे अपनी कस्टडी में ले लिया।

मोल्दोवा की अदालत में प्रत्यर्पण की प्रक्रिया

मोल्दोवा में गिरफ्तारी के बाद अमृतपाल सिंह को भारत प्रत्यर्पित करने की कानूनी प्रक्रिया कई महीनों तक चली। 26 मई, 2026 को एक अदालत ने भारत में उसके प्रत्यर्पण को मंज़ूरी दे दी। इसके बाद अमृतपाल सिंह ने इस फैसले को चुनौती दी, लेकिन सेंट्रो कोर्ट ऑफ अपील ने 16 जुलाई, 2026 को उसकी अपील खारिज कर दी। अपील खारिज होने के साथ ही प्रत्यर्पण का आदेश अंतिम हो गया।

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