लोकसभा की कार्यवाही शुरू होती ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, कांग्रेस ने स्पीकर की चाय का किया बहिष्कार

Monsoon Session: मानसून सत्र के आखिरी दिन लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के थोड़ी देर बाद ही स्थगित हो गई। संसद में जोरदार हंगामे के बाद कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।
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लोकसभा की कार्यवाही स्थगितसौजन्य-IANS
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Parliament Monsoon Session Adjourned: मानसून सत्र का आखिरी दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही भारी हंगामे के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। इसके साथ ही मानसून सत्र का समापन हुआ। लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद भी विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा।

गुरुवार को सुबह 11 बजे राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के साथ लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई। राष्ट्रगीत के सभी छह पद बजाए गए। इस दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सदन में मौजूद रहे। राष्ट्रगीत के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।

स्पीकर ने नहीं पढ़ा समापन भाषण

इस बार स्पीकर ओम बिरला ने सत्र के दौरान लोकसभा के कामकाज और उत्पादकता का ब्यौरा देने वाला पारंपरिक समापन भाषण भी नहीं पढ़ा। लोकसभा का सत्र खत्म होने के बाद स्पीकर ने सभी फ्लोर लीडर्स को चाय पर आमंत्रित किया, जिसका कांग्रेस पार्टी ने बहिष्कार कर दिया। सत्र के खत्म होने पर सभी सदस्यों के साथ फ्लोर लीडर्स के साथ चाय पर यह बैठक की जाती है। स्पीकर सभी दलों को चाय पर आमंत्रित करते है।

कांग्रेस ने फ्लोर लीडर्स की बैठक का किया बहिष्कार

फ्लोर लीडर्स की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पीकर से मुलाकात की। लेकिन, फ्लोर लीडर्स की बैठक में विपक्ष मौजूद नहीं रहा।

नीट पेपर लीक मामले पर जारी रहा हंगामा

गौरतलब है कि इस बार पूरे सत्र में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित तौर पर गबन और नीट पेपर लीक के मुद्दे पर हंगामा जारी रहा। विपक्ष ने नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई का भी विरोध किया। साथ ही, विपक्ष ने सदन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी नहीं होने पर सवाल उठाए और छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर सरकार का जवाब मांगा।

उधर, लोकसभा में विपक्ष के लगातार हंगामे के बीच सरकार कई अहम बिल पास कराने में सफल हुई। कुछ बिल विपक्ष के सदस्यों की ओर से चर्चा में हिस्सा नहीं होने पर बिना किसी बहस के लोकसभा से पास हुए।

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मानसून सत्र में पारित हुए विधेयक

मानसून सत्र में लोकसभा से पारित होने वाले विधेयकों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, केरल राज्य का नाम आधिकारिक रूप से बदलकर 'केरलम' करने वाले केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, कराधान और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक शामिल रहे।

वहीं, लोकसभा ने बुधवार को विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (एफसीआरए), 2026 को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) भेजने के प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित किया।

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